जिले में रविवार को दिन चढ़ने के साथ झमाझम वोट बरसे। घड़ी की सुई जैसे-जैसे आगे बढ़ती गई, जिले में मतदान का प्रतिशत भी बढ़ता गया। सुबह के समय बूथों पर सन्नाटा रहा, लेकिन नौ बजे के बाद लोग घरों से वोट देने के लिए निकले तो बूथों पर कतार लग गई। कुल 52.65 प्रतिशत मतदान हुआ।
पिछले विधानसभा चुनाव के मुकाबले इस बार मत प्रतिशत घट गया है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में 55.94 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस तरह पिछले चुनाव की तुलना में 3.29 प्रतिशत कम मतदान हुआ है। उधर, कुंडा में बवाल की सूचना मिलने के बाद डीएम-एसपी लाव-लश्कर के साथ बूथों का भ्रमण कर बवालियों को खोजते रहे।
जिला प्रशासन ने बूथों की सुरक्षा के लिए अर्द्धसैनिक बलों के साथ ही गैर जनपद की फोर्स को तैनात कर रखा था। कुंडा के पहाड़पुर बनोही और रैयापुर में बवाल की जानकारी डीएम डॉ. नितिन बंसल और एसपी सतपाल अंतिल को उस समय हुई, जब वे पट्टी विधानसभा के बूथों का निरीक्षण कर रहे थे। घटना के बाद डीएम-एसपी लाव-लश्कर के साथ कुंडा पहुंचे। मतदान खत्म होने तक बेंती, पहाड़पुर बनोही, करेंटी, भदरी के बूथों का निरीक्षण कर पुलिसकर्मियों को अलर्ट किया।
डीएम-एसपी के काफिले के साथ चल रहे पुलिसकर्मी बूथों के आसपास बिना वजह घूम रहे लोगों को दौड़ाते रहे। इधर, सुबह सात बजे से मतदान का समय होने के बाद भी मतदाता नौ बजे के बाद ही घरों से बाहर निकले। सुबह नौ बजे के बाद ही बूथों पर मतदाताओं के पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हुआ। सुबह नौ बजे तक दो घंटे में मतदान का प्रतिशत सिर्फ 7.77 प्रतिशत था।
ग्यारह बजे तक यह बढ़कर 20.8 पर पहुंच गया। हालांकि इस बार पिछले विधानसभा के मुकाबले मत प्रतिशत घट गया है। ग्रामीण इलाकों में मतदाता अपने काम निपटाने के बाद बूथों पर पहुंचे। जिला प्रशासन हर दो घंटे के अंतराल पर मतदान प्रतिशत जारी करता रहा। दोपहर एक बजे तक 33.59 प्रतिशत मतदान हुआ था। तीन बजे मतदान प्रतिशत बढ़कर 44.26 पहुंच गया। शाम पांच छह बजे तक कुल 52.65 प्रतिशत मतदान हुआ।
कहीं नेटवर्क, तो कही खराब हुआ कैमरा
जिले के 1428 बूथों पर वेबकास्टिंग से नजर रखी जा रही थी। जिला सेवायोजन कार्यालय में बने कंट्रोलरूम से सीडीओ निगरानी करती रहीं। मगर अधिकांश बूथों पर कैमरा नहीं चलने से और ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क नहीं होने से वेबकांस्टिग की व्यवस्था फेल हो गई। पीठासीन अधिकारियों से कंट्रोलरूम के कर्मचारी फोन मिलाकर सीधे बात करते रहे।
पहली बार मतदान के लिए मिला 11 घंटे का समय
विधानसभा चुनाव में पहली बार मतदाताओं को वोट देने के लिए 11 घंटे का समय दिया गया था। हालांकि इसके बाद भी मतदान प्रतिशत में कोई खास इजाफा नहीं हुआ। सुबह सात बजे से प्रारंभ होने वाला मतदान शाम छह बजे तक होता रहा। इससे पहले सुबह सात से शाम पांच बजे तक ही मतदान का समय होता था।