युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक पाठ्यक्रम में व्यावसायिक विषयों को शामिल किया गया है। विश्वविद्यालय के आदेश के बावजूद कॉलेजों में व्यावसायिक विषयों की कक्षाएं संचालित नहीं की जा रही है। पढ़ाई न होने से छात्र-छात्राओं को व्यावसायिक विषय में सफल होने की मार्कशीट जरूर मिल जाएगी, लेकिन ज्ञान उन्हें कुछ भी नहीं होगा।
प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय ने नई शिक्षा के तहत 2021 में स्नातक स्तर पर दो व्यावसायिक विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल किया है। प्रत्येक सेमेस्टर में नए व्यावसायिक विषयों की पढ़ाई कराई जानी है। फिलहाल इन व्यावसायिक विषयों की परीक्षा कॉलेजों में ही कराई जाएगी, लेकिन इन विषयों में क्वालीफाइंग होने की जरूरत है।
प्राप्त अंकों को विश्वविद्यालय द्वारा मार्कशीट पर अंकित किया जाएगा। 100 अंकों में 40 फीसदी अंक पाना अनिवार्य है। युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए व्यावसायिक विषयों को लागू किया गया है। जिसमें योग, कम्प्यूटर, पत्रकारिता, फूड प्रोसेसिंग, उद्यान सहित 30 विषय शामिल हैं।
वहीं कुछ कॉलेजों को छोड़ दिया जाए तो अधिकांश कॉलेज पिछले सत्र में इन विषयों की कक्षाएं ही संचालित नहीं की गई। जुलाई माह से शुरु हो रहे नए सत्र को लेकर कॉलेज में कोई जागरूकता नहीं है। कॉलेजों का कहना है कि शिक्षक उपलब्ध न होने के कारण व्यावसायिक पाठ्यक्रम की कक्षाएं संचालित नहीं हो पाई हैं, लेकिन नए सत्र से इन विषयों की कक्षाएं संचालित कर छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
Iव्यावसायिक विषयों को स्नातक पाठ्यक्रम में लागू किया गया है। कॉलेजों को प्रशिक्षण के साथ ही कक्षाएं संचालित करने का निर्देश है। नियम का पालन न करने पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अखिलेश सिंह, कुलपति, राज्य विवि।I