मेडिकल कालेज ओपीडी में वायरल पीड़ित बच्चों का इलाज करते बाल रोग विशेषज्ञ। संवाद
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मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण वायरल बुखार ने बच्चों पर हमला बोल दिया है। घर-घर बच्चे इसकी चपेट में हैं। उन्हें शरीर में दर्द के साथ सर्दी-जुकाम और बुखार की शिकायत है। पांच साल तक के बच्चों को सीने में जकड़न हो जा रही है। जिससे उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही है।
डॉक्टरों का कहना है कि सर्द-गर्म मौसम के साथ कूलर-एसी में सोने और ठंडे पानी के सेवन के कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ रही है। डॉ. सोने लाल पटेल मेडिकल कॉलेज से संबद्ध राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय के बाल रोग विभाग की ओपीडी में बीमार बच्चों की भीड़ लगी रही।
200 से अधिक मरीजों का इलाज किया गया। ज्यादातर को वायरल बुखार की शिकायत थी। 20 से अधिक बच्चों को सीने में जकड़न और निमोनिया के कारण भर्ती कराया गया। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल सरोज ने बताया कि बच्चों के खान-पानी में सावधानी बरतने के साथ उन्हें सर्दी-जुकाम से पीड़ित लोगों से दूर रखें।
इन दिनों मौसम करवट बदल रहा है। दिन और रात के तापमान में अंतर है। इससे बुखार के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
बच्चों में वायरल के लक्षण
गले में खराश और कपकपी
डायरिया या खांसी आना
सांस लेने में कठिनाई
आंखें लाल होना
ऐसे करें बचाव
जिन लोगों को वायरल हुआ है उनसे दूरी बनाए रखें
छींकते और खांसी आते समय मुंह के पास रूमाल जरूर रखें
बुखार से पीड़ित बच्चों को पानी उबाल कर पिलाएं
ठंडा पानी पीने और एसी के सामने सोने से बचें
ओपीडी में आने वाले ज्यादातर बच्चे वायरल की चपेट में हैं। बच्चों को एसी के सामने न सुलाएं। ठंडा पानी पीने से बचना चाहिए। डॉक्टर अनिल सरोज