संवाद न्यूज एजेंसी।
प्रतापगढ़। हाईवे बंद होने से नाराज स्थानीय लोगों ने शुक्रवार को चमरौधा पुल की मरम्मत कार्य शुक्रवार को तीसरे दिन भी नहीं होने दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल के बगल से आने-जाने का रास्ता बनाने के बाद की पुल की मरम्मत की जाए।
चिलबिला स्थित चमरौधा नदी पर पुल के मरम्मत कार्य की वजह चार दिन से आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया गया है। रास्ता बंद होने से मंडी जाने के लिए किसानों को दस किमी का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे नाराज किसानों और स्थानीय ग्रामीणों ने बुधवार को काम बंद कराया था। हर दिन लोग वहां जुटते हैं और मरम्मत काम बंद करा देते हैं।
प्रतापगढ़- अमेठी मार्ग पर चमरौधा नदी पर बना पुल जर्जर होने के कारण मरम्मत के लिए तोड़ दिया गया है। इससे आवागमन पूरी तरह बंद है। पुल की मरम्मत में लगभग तीन माह का समय लगने की संभावना है। पुल टूटने के बाद से इस पर दो पहिया और चार पहिया वाहनों का आवागमन भी बंद हो गया है। इससे स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है और उनमें नाराजगी है।
लोगों की मांग है कि बाइक और छोटे चार पहिया वाहनों के आने-जाने के लिए बगल में अस्थायी संपर्क मार्ग (डायवर्जन) रास्ता बनाया जाए। इसके बाद ही मरम्मत का कार्य किया जाए। स्थानीय लोगों के विरोध की वजह से ठेकेदार ने कार्य बंद कर दिया है। अब विभागीय अधिकारी असमंजस में हैं कि पुल की मरम्मत कैसे की जाए। बहीं स्थानीय लोग बगल से रास्ता देने की जिद पर अड़े हैं।
शुक्रवार को ठेकेदार ने मरम्मत कार्य कराना चाहा, तो स्थानीय लोगों ने बलपूर्वक काम फिर बंद करा दिया। अधिशाषी अभियंता आरएन यादव ने बताया कि स्टीमेट में बगल में रास्ते का निर्माण नहीं दिखाया गया है, फिलहाल इस मुद्दे पर अभी विचार किया जा रहा है। विकल्प खोजा जा रहा है।