पहली बार अपनी पार्टी से चुनाव लड़ेंगे राजाभैया
उन्होंने भाजपा के शिव नारायण मिश्र को करारी शिकस्त दी। इसके बाद राजाभैया ने पांच विधानसभा चुनावों में लगातार निर्दल प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की। इस बार चुनाव में पहली बार वह अपनी पार्टी जनसत्ता दल के बैनर तले चुनाव लड़ने जा रहे हैं।
कुंडा में 1991 व 1993 में सपा ने अपने प्रत्याशी उतारे थे। इसके बाद सपा राजाभैया को समर्थन देती रही। अब 27 साल बाद सपा ने फिर राजाभैया के सामने अपना उम्मीदवार खड़ा किया है। हालांकि कुंडा विधानसभा सीट पर अभी सपा-बसपा का खाता नहीं खुल सका है।
कांग्रेस के नियाज हसन ने जीत की हैट्रिक, राजाभैया ने लगाई डबल हैट्रिक
कुंडा में कांग्रेस के नियाज हसन जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं। उन्होंने 1980, 1985 व 1989 के विधानसभा चुनाव में लगातार तीन बार जीत दर्ज की थी। जबकि निर्दल विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया ने जीत की डबल हैट्रिक लगाई है। वह 1993 से 2017 तक लगातार विधायक चुुने गए।
जातीय समीकरण
कुंडा विधानसभा में तीन लाख 50 हजार 529 मतदाता हैं। इनमें सामान्य वर्ग के 107200 मतदाता हैं। जिनमें करीब 40 हजार ब्राह्मण, 21 हजार ठाकुर, 14 हजार वैश्य हैं। पिछड़ों में यादव, कुर्मी सहित कुल 104352 मतदाता हैं। एससी मतदाता करीब 85300 हैं। 53677 मुस्लिम मतदाता हैं।
कुंडा सीट से अब तक रहे विधायक
वर्ष विधायक पार्टी
1951 रामस्वरूप भारती कांग्रेस
राम नरेश शुक्ला
1957 गया प्रसाद आईएनडी
1962 नियाज हसन कांग्रेस
1967 नियाज हसन कांग्रेस
1969 जयराम एसएसपी
1974 नियाज हसन एनसीओ
1977 शशि प्रभा जेएनपी
1980 नियाज हसन कांग्रेस
1985 नियाज हसन कांग्रेस
1989 नियाज हसन कांग्रेस
1991 शिवनारायण मिश्र बीजेपी
1993 रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया निर्दल
1996 रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया निर्दल
2002 रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया निर्दल
2007 राघुराज प्रताप प्रताप सिंह राजाभैया निर्दल
2012 रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया निर्दल
2017 रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया निर्दल