गर्भवती महिलाओं को अब अल्ट्रासाउंड जांच कराने के लिए पुरुष अस्पताल नहीं जाना होगा। 26 दिनों तक इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा। महिला अस्पताल की सीएमएस ने अल्ट्रासाउंड मशीन लगाने की कवायद तेज कर दी है। उम्मीद है कि जून में अल्ट्रासाउंड जांच शुरू हो जाएगी।
मेडिकल कॉलेज के पुरुष विंग में चार अल्ट्रासाउंड मशीनें हैं। जबकि संचालन सिर्फ दो का हो रहा है। जबकि दो मशीनें स्टोर में धूल फांक रही हैं। पुरुष अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच कराने पहुंचने वाली मरीजों और गर्भवती महिलाओं लंबी तिथि देकर घर भेज दिया जा रहा है। इससे गर्भवती महिलाएं परेशान हैं।
उन्हें निजी सेंटरों में जांच कराने के लिए जाना पड़ रहा है। जांच के नाम पर सात सौ से एक हजार रुपये खर्च कर रही हैं। इस समस्या को देखते हुए महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. रीना प्रसाद ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को पत्र भेजकर पुरुष अस्पताल में रखी एक अल्ट्रासाउंड मशीन की मांग की है।
पत्र के माध्यम से महिला अस्पताल की सीएमएस ने प्राचार्य से कहा कि अगर अल्ट्रासाउंड मशीन महिला अस्पताल को मिल जाएगी तो गर्भवती महिलाओं की जांच हो सकेगी। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीके पांडेय ने बताया कि दो मशीन उनके पास अभी रखी हैं। महिला अस्पताल में इंस्टॉल कराने के लिए कक्ष की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर सबकुछ ठीक रहा तो जून तक महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन इंस्टॉल करा दिया जाएगा।
प्राचार्य ने शासन से मांगा एक और रेडियोलॉजिस्ट
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने मरीजों की अल्ट्रासाउंड जांच करने के लिए एक और रेडियोलॉजिस्ट की मांग की है। प्राचार्य ने कहा, उनके पास दो महिला डॉक्टर ऐसी हैं, जो अल्ट्रासाउंड जांच के लिए डिप्लोमा ले रखी हैं।
ओपीडी में 800 गर्भवती कराती हैं इलाज, औसतन तीन सौ की लिखी जाती है अल्ट्रासाउंड जांच
महिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 1100 मरीज आते हैं। इनमें गर्भवती महिलाएं करीब आठ सौ और तीन सौ के करीब नवजात शामिल हैं। करीब 300 महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच लिखी जाती है। पुरुष अस्पताल में प्रतीक्षा सूची लंबी होने की वजह से उन्हें बाहर से जांच करनी पड़ रही है।
वर्जन
पुरुष अस्पताल में चार मशीनें हैं। इनमें से एक मशीन की मांग प्राचार्य से की है। प्राचार्य की ओर से मशीन को इंस्टॉल कराए जाने की अनुमति भी मिल गई है। अल्ट्रासाउंड कक्ष तैयार कराया जा रहा है। जून तक महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच शुरू हो जाएगी।
डॉ.रीना प्रसाद, सीएमएस महिला अस्पताल।