स्थानीय ग्राम पंचायत में विवादित जमीन पर महिला का शव दफनाने को लेकर शनिवार को दो पक्ष आमने-सामने हो गए। तनाव की खबर पर लीलापुर पुलिस के साथ तहसीलदार मौके पर पहुंचे। खोदी गई कब्र में मिट्टी डलवाया। दोनों पक्षों के बीच उपजे तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात है।
अजगरा निवासी राम आसरे शुक्ल ने शनिवार को एसडीएम लालगंज को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसकी भूमिधरी में कब्जा करने की नियत से गांव के ही नन्हे अपनी पत्नी हकीमुन निशा का शव दफनाना चाहते हैं। जबकि गाटा संख्या 1207 खतौनी में राजेश कुमार आदि के नाम से दर्ज है। पहले भी गांव के अब्दुल मजीद सहित अन्य लोगाें द्वारा उक्त जमीन पर वाद दायर किया गया था, जो नौ मई 2013 व दो मार्च 2014 को खारिज हो चुका है। वहां लोग कब्र खोदकर शव दफनाना चाहते हैं। एसडीएम लालगंज के आदेश पर तहसीलदार व लीलापुर थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे। छानबीन के बाद तैयार की जा रही कब्र में मिट्टी डलवा दिया। तनाव को देखते हुए मौके पर पुलिस मुस्तैद है। देरशाम तक दोनों पक्षों से पुलिस बातचीत कर मान मनौव्वल की कोशिश करती रही। तहसीलदार धीरेंद्र सिंह का कहना है कि किसी की भूमिधरी में शव दफनाया नहीं जा सकता, जबकि उसकी सहमति न हो। दूसरा पक्ष का कहना है कि जमीन का मुकदमा अभी न्यायालय में चल रहा है। कोई निर्णय नहीं हुआ है। मृतका का शव घर के बाहर रखा है। मौके पर छोटे बच्चों के अलावा कोई नहीं है। रिश्तेदार व परिवार के दूसरे सदस्य भी घर छोड़कर कहीं चले गए हैं।