साथी अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में वकीलों ने तहसील गेट पर जड़ा ताला।
- फोटो : संवाद
आठ साल पहले तहसीलदार से मारपीट करने और गैंगस्टर के मामले में वांछित चल रहे संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष व पूर्व अध्यक्ष को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आधी रात दोनों अधिवक्ताओं को गिरफ्तारी के बाद बाघराय थाने ले जाया गया है। घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों की धर पकड़ के लिए भी पुलिस ने दबिश दी, लेकिन सफलता नहीं मिल सकती। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को पुलिस जेल भेजने की तैयारी में जुट गई। लालगंज से अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष समेत दो वकीलों के गिरफ्तारी होने से अधिवक्ताओं में आक्रोश है।
लालगंज में बीते 26 दिसंबर 2016 को तत्कालीन तहसीलदार ठाकुर प्रसाद के साथ तहसील में न्यायिक कामकाज करते समय कक्ष में अधिवक्ताओं से विवाद हुआ था। आरोप है कि कुछ अधिवक्ताओं ने तहसीलदार से हाथापाई की थी। इस मामले में तत्कालीन तहसीलदार ठाकुर प्रसाद की तहरीर पर अधिवक्ता राव वीरेंद्र सिंह, संदीप सिंह, विकास मिश्रा व आसिफ अली के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, एससीएसटी एक्ट, जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया था।
बाद में तत्कालीन लालगंज के प्रभारी निदेशक बीपी त्रिपाठी ने अधिवक्ता राव वीरेंद्र सिंह को गैंग लीडर बताते हुए चारों आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई कर दी। मामला अधिवक्ताओं से जुड़ा होने के कारण किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इस बीच पुलिस ने विवेचना के दौरान आरोपियों के घर कुर्की की कार्रवाई की औपचारिकता भी पूरी कर दी। इस मामले के विवेचना थाना बाघराय को मिली थी। वहां की पुलिस ने अधिवक्ताओं की गिरफ्तारी सीधे तौर पर न करके अपनी कागजी औपचारिकताएं पूरी करती रही।