प्रतापगढ़। ट्रेन से प्रयागराज का सफर अब और आसान हो जाएगा। यात्री एक घंटे से भी कम समय में प्रतापगढ़ से प्रयागराज पहुंच जाएंगे। इसके लिए ट्रेनों की स्पीड जल्द ही बढ़ा दी जाएगी। शनिवार को प्रतापगढ़ आए रेलवे के महाप्रबंधक ने प्रयागराज-प्रतापगढ़ रेलट्रैक को चेक करने के बाद इस पर ट्रेन की स्पीड भी जांची। उन्होंने मॉडल स्टेशन प्रतापगढ़ का निरीक्षण किया। स्टेशन की धीमी प्रगति से असंतुष्ट नजर आए। हालांकि उन्होंने बातों ही बातों में यह भी कह डाला कि ब्रिटिशकाल के बाद अब जाकर विकास शुरू हुआ है।
पांच साल बाद स्टेशन का निरीक्षण करने के लिए शनिवार को रेल महाप्रबंधक एनआर नई दिल्ली तेजप्रताप सिंह शनिवार दोपहर सवा बारह बजे प्रतापगढ़ पहुंचे। वह पहले कानपुर होकर प्रयागराज आए थे। वहां से स्पेशल ट्रेन से ट्रैक के साथ ट्रेन की स्पीड चेक करते हुए प्रतापगढ़ पहुंचे। इस ट्रैक पर रेल प्रबंधक की स्पेशल ट्रेन सौ की स्पीड में दौड़ी। इस पर जीएम ने यह मान लिया कि ट्रैक में किसी भी प्रकार की खामी नहीं है। इस लाइन पर ट्रेनों को सौ की स्पीड में दौड़ाया जा सकता है। इस दौरान उन्होंने स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों की हकीकत खंगाली। वेटिंग हाल, प्लेटफार्म, सर्कुलेटिंग एरिया पार्क आदि का विधिवत निरीक्षण किया। स्टेशन पर काम की धीमी प्रगति से असंतुष्ट नजर आए।
करीब एक घंटे तक वह स्टेशन का जायजा लेते रहे। पार्क में पौधरोपण किया और सिग्नल विभाग के ईएसएम चैंबर का फीता महिला स्टाफ परवीन से कटवाया। इसके बाद जीएम मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने कहा कि चुनाव के चलते वह कुछ बोल नहीं सकते। सिर्फ इतना कहा कि स्टेशन और रेलवे में चल रहे कार्य से कोई भला संतुष्ट हो सकता है। सभी चीजें फिलहाल निर्माणाधीन हैं। इस दौरान एफओबी, जर्जर भवन और सफाई का मुद्दा उठा। जिस पर जीएम ने निस्तारण का आश्वासन दिया। निरीक्षण के बाद जीएम स्पेशल ट्रेन से सवा एक बजे अमेठी स्टेशन के लिए रवाना हो गए। उनके जाने के बाद अफसरों ने राहत की सांस ली।
रेलवे स्टेशन पर मानक के विपरीत तैयार फुट ओवरब्रिज के बारे में जीएम ने एडीईएन निहालुदीन से जानकारी मांगी तो वह कुछ नहीं बोले। फुट ओवरब्रिज के खुले पड़े नट-बोल्ट को जुड़वाने का निर्देश देते हुए जीएम आगे बढ़ गए।
प्रतापगढ़ आए जीएम स्टेशन पर साफ -सफाई का नुक्कड़ नाटक देखकर काफी खुश हुए। उन्होंने यात्रियों और अफसरों को शपथ दिलाई कि स्टेशन और रेल परिसर के साथ घर के आसपास खुद साफ-सफाई करेंगे। स्टेशन पर सफाई के लिए दूसरों को जागरूक करेंगे। नुक्कड़ नाटक करने वाली टीम को जीएम ने पांच हजार रुपये का पुरस्कार दिया।