शहर और ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार को दिनभर रुक-रुक कर बरसात होती रही। गुरुवार की रात 11 बजे गरज-चमक के साथ शुरू हुई बरसात सुबह थम गई। सुबह आठ बजे के बाद आसमान में छाए बादलों ने जमकर बरसात की, इससे मौसम जहां सुहाना हो गया, वहीं गेहूं की फसल बोने वाले किसानों की चेहरे खिल उठे। शुक्रवार को 5.2 मिमी बरसात रिकार्ड की गई है।
शुक्रवार की सुबह से रुक-रुककर होने वाली बरसात का सिलसिला शाम तक जारी रहा। शुक्रवार की सुबह कुछ क्षण के लिए अचानक धूप निकलने से एकबारगी ऐसा लगा कि आसमान में छाए बादल गायब हो गए, मगर ऐसा नहीं हुआ। थोड़ी देर बाद ही बरसात शुरू हो गई।
गरज-चमक के साथ दिनभर रुक-रुक कर बरसात होती रही। इससे मौसम जहां सुहाना हो गया, वहीं गेहूं की फसल उगाने वाले किसानों के चेहरे खिल उठे। गुरुवार की रात और शुक्रवार को हुई बरसात कुल 5.2 डिग्री रिकार्ड की गई।
इधर बरसात होने से सड़कों और गांव की गलियों में कीचड़ फैल गया। इससे आम लोगों को परेशानी में काफी सामना करना पड़ा। मौसम वैज्ञानिक सुरेंद्र प्रजापति ने बताया कि शनिवार को भी मौसम में कोई बदलाव होने की संभावना नहीं है।