जिले के प्राइमरी, मिडिल और इंटर कॉलेजों में कक्षा आठ तक पढ़ाई करने वाले 2,78,789 बच्चों को अब फोर्टिफाइड (पोषक तत्वों से भरपूर) चावल खाने को मिलेगा। कुपोषण से लड़ने के लिए यह चावल इसी माह से स्कूलों में बनने वाले एमडीएम में बच्चों को परोसा जाएगा। जिले में पहली बार आवंटन आया है। एमडीएम के चावल को कोटेदार अन्य उपभोक्ताओं को नहीं वितरित कर पाएंगे।
जिले के 2244 प्राथमिक, जूनियर और इंटर कॉलेजों में कक्षा आठ तक पढ़ाई करने वाले बच्चे फोर्टिफाइड चावल खाकर सेहतमंद होंगे। जिले में तीन माह के स्टाक के रूप में 18,350 क्विंटल चावल आ गया है। सरकारी राशन की दुकानों से स्कूलों को राशन मुहैया कराया जाएगा। अभी तक साधारण चावल ही एमडीएम में परोसा जा रहा था।
कुपोषण के बढ़ते मामले एवं बच्चों को सेहतमंद बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने इस बार एमडीएम में फोर्टिफाइड चावल बंटवाने के का निर्णय लिया है। आयरन और विटामिन से भरपूर चावल को कोटेदार पात्र गृहस्थी के लाभार्थियों को नहीं वितरित कर सकेंगे। अगर कोई कोटेदार ऐसा करता हुआ पकड़ा जाएगा, तो उसका कोटा निलंबित हो सकता है। फोर्टिफाइड चावल अन्य चावल के मुकाबले अधिक गुणवत्तायुक्त होता है। इसमें भरपूर मात्रा में आयरन, विटामिन-ई होता है, जो बच्चों की सेहत के लिए बेहद गुणकारी है।
ऐसे तैयार होता है चावल
सबसे पहले सामान्य चावल का बाउडर बनाकर उसमें सूक्ष्म पोषक तत्व जैसे विटामिन बी-12, फोलिक एसिड, आयरन एफएसएसआई के मानक के मुताबिक मिलाए जाते हैं। चावल के पाउडर, विटामिन और मिनरल के मिश्रण को मशीनों से गूंथा जाता और एक्सट्रडर मशीन से चावल के दानों को निकाला जाता है। इन चावलों को एक क्विंटल चावल की बोरी में एक किग्रा मिक्स करके एडीएम के लिए दिया जाता है। इससे बच्चे एनिमिया और अन्य बीमारियों से बचेंगे।
एमडीएम योजना में इस वर्ष से फोर्टिफाइड चावल शामिल किया गया है। साधारण चावल से यह पूरी तरह अलग होगा। बच्चों की सेहत सुधारने के लिए इस चावल की आपूर्ति की जा रही है। भूपेंद्र सिंह, बीएसए