उदयपुर थाना क्षेत्र के राहाटीकर गांव में जमीन के विवाद में पड़ोसियों ने लाठी-डंडे और बल्लम से हमला कर सीमेंट-सरिया व्यापारी अजय सिंह (45) को मौत के घाट उतार दिया। हमले में परिवार के पांच सदस्य भी घायल हो गए। घटना के बाद गांव में तनाव को देखते हुए फोर्स तैनात कर दी गई है। पुलिस ने चार आरोपियों को हिरासत में लिया है।
उदयपुर थाना क्षेत्र के राहाटीकर निवासी रावेंद्र व उग्रसेन के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद है। शनिवार की शाम रावेंद्र के परिजन खेत में बाड़ लगाने लगे। इसक जानकारी होने पर उग्रसेन पक्ष के लोग विरोध करने लगे। ग्रामीणों के अनुसार, विवाद के दौरान उग्रसेन पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडे व धारदार हथियार लेकर हमला बोल दिया।
ईंट-पत्थर भी चलने लगे। इस बीच हमलावरों ने रावेंद्र के परिवार के व्यापारी अजय सिंह (45) को घेरकर लाठियों व बल्लम से प्रहार कर दिया। शोरशराबा सुनकर आसपास के लोग भागकर मौके पर पहुंचे। लोगों के बीचबचाव पर हमलावर वहां से हटे। मारपीट में गंभीर रूप से घायल अजय सिंह, कुलदीप सिंह (40), श्याम सिंह (46), प्रमोद सिंह (40), शेरबहादुर सिंह (51) व रामेंद्र (52) को परिजन सांगीपुर सीएचसी ले आए। यहां डॉक्टरों ने अजय को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
अजय की मौत की जानकारी होने पर परिजन बिलखने लगे। हत्या की खबर मिलने के बाद उदयपुर, सांगीपुर व लालगंज की पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ ही देर में सीओ लालगंज राममूरत सोनकर भी पहुंच गए। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया। परिवार के लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों के घर दबिश दी, मगर कोई नहीं मिला। सीओ लालगंज ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच एक दशक से अधिक समय से जमीन को लेकर विवाद है। अभी तहरीर नहीं मिली है। चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस और राजस्व विभाग की लापरवाही ने ले ली जान
उदयपुर थाना क्षेत्र के राहाटीकर में राजस्व विभाग व पुलिस की लापरवाही ने व्यापारी की जान ले ली। यदि पुलिस व राजस्व टीम मौके पर पहुंचकर विवाद का निस्तारण करा देती तो शायद घटना टल सकती थी। राजस्व विभाग व पुलिस ने दोनों पक्षों को नया निर्माण न करने का फरमान सुनाते हुए प्रार्थना पत्र का निस्तारण कर दिया। घटना के पीछे की वजह पांच विस्वा भूमिधरी व कुछ सरकारी जमीन है।
राहटीकर निवासी रावेंद्र व उग्रसेन के बीच पांच विस्वा जमीन को लेकर एक दशक से विवाद है। विवादित जमीन से लगी हुई कुछ सरकारी जमीन भी है। दोनों पक्षों के बीच विवादित जमीन पर कब्जे को लेकर लगातार विवाद होता रहता था। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों पक्षों ने तहसील व थाने के अलावा मुख्यालय के अफसरों से भी मामले की शिकायत करते हुए निस्तारण की गुहार लगाई थी। मगर विवाद नहीं सुलझ सका।
शनिवार को भी दोनों पक्षों के लोग संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे थे। हालांकि राजस्व कर्मचारियों की तरफ से यह हवाला दिया गया कि चार दिन पहले पैमाइश हुई थी। जब तक प्रकरण का निस्तारण अधिकारियों की मौजूदगी में न हो, तब तक वहां कोई नया निर्माण नहीं होना चाहिए। यह फरमान सुनाते हुए राजस्व व पुलिस टीम ने मामले को टरका दिया। लोगों का कहना है कि यदि तनाव को देखते हुए राजस्व व पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंचकर निस्तारण करा देती तो वारदात न होती।
तनाव को देखते हुए तीन थानों की पुलिस ने डाला डेरा
राहाटीकर में व्यापारी अजय सिंह की हत्या के बाद सांगीपुर, लालगंज व उदयपुर पुलिस घटनास्थल पर डेरा डाले रही। पुलिस घटना के बाद पैदा हुए तनाव को देखते हुए सतर्क नजर आई। सीओ लालगंज व उदयपुर थानाध्यक्ष लगातार गांव में तैनात पुलिसकर्मियों से जानकारी लेते रहे।
मृतक अजय। फाइल फोटो- फोटो : PRATAPGARH