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जांच कमेटी का शिक्षक संघ ने जताया विरोध

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डिग्री कालेज के शिक्षकों के अभिलेखों के सत्यापन के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति का शिक्षक संघ ने विरोध किया है। उच्च शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर कुलपति से जांच कराए जाने की मांग की गई है।
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प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप सिंह ने उच्च शिक्षा मंत्री को पत्र भेजकर जांच टीम का विरोध किया है। उनका कहना है कि अनुदानित महाविद्यालय में शिक्षकों का चयन उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग करता है। जहां उनके शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन होता है।
शिक्षा निदेशालय उच्च शिक्षा द्वारा महाविद्यालय आवंटन और कार्यभार ग्रहण करने के समय भी यही प्रक्रिया अपनाई जाती है। प्रत्येक शिक्षक अपने सेवा काल में तीन बार पदोन्नति की प्रक्रिया से गुजरता है। उस समय भी उसकी पूरी पत्रावली शिक्षा निदेशालय द्वारा जांची जाती है। जांच को समझ से परे बताते हुए अध्यक्ष ने कहा कि जो जांच समिति एसडीएम की अध्यक्षता में बनी है, वह संविधान के खिलाफ है।
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किसी भी व्यक्ति की जांच नीचे की रैंक वाला अधिकारी नहीं कर सकता है। जांच समिति के अध्यक्ष का वेतनमान प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व प्राचार्य से कम है। उन्होंने कहा कि यदि जांच इतनी ही आवश्यक है तो इसकी अध्यक्षता संबंधित विश्वविद्यालय का कुलपति भी कर सकता है। जांच के लिए समिति को महाविद्यालय में आना चाहिए, क्योंकि भौतिक सत्यापन के लिए कार्यस्थल ही उपयुक्त होता है। एसडीएम कार्यालय में पंक्तिबद्ध होकर अभिलेखों का सत्यापन कराना शिक्षकों के लिए अपमानजनक है। शिक्षक संघ ने उच्च शिक्षा मंत्री से आदेश में संशोधन की मांग की है।
पीबीपीजी कालेज के शिक्षकों के जमा हुए अभिलेख
तहसील परिसर स्थित एसडीएम कार्यालय में पीबपीजी कालेज के सभी शिक्षकों के अभिलेख शिक्षकों की उपस्थिति में जमा किए गए। जांच टीम के अध्यक्ष एसडीएम सदर मोहनलाल गुप्ता व सदस्य डॉ. जयशंकर मिश्र, डॉ. विजय कुमार मिश्र ने अभिलेखों की जांच की। यह जानकारी पीबीपीजी कालेज प्राचार्य डॉ. बृजभानु सिंह ने दी।
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