धूप से बचने को कुछ इस तरह खुद को बचाकर निकलतीं युवतियां। अमर उजाला
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पश्चिमी व उत्तरी हवाओं की जुगलबंदी ने पुरवा हवाओं को चित्त कर दिया। शनिवार को दिनभर पश्चिमी व उत्तरी हवाओं ने रफ्तार भरी। इससे गर्मी में इजाफा हुआ। तापमान भी उछलकर 42.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 30.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। शहर से लेकर गांव तक लोग गर्मी से बेहाल रहे।
वातावरण में करीब एक सप्ताह से पुरवा हवाओं ने पैठ मजबूत कर रखी थी। इससे उमसभरी गर्मी का कहर जारी रहा। हालांकि तापमान में गिरावट दर्ज की गई थी। 44 डिग्री सेल्सियस से लुढक़कर पारा 37 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। तापमान लुढक़ने के बाद भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं थी। बीच- बीच में बादलों की भी उमड़-घुमड़ जारी रही। शनिवार को भोर मेें वातावरण में उत्तरी व पश्चिमी हवाएं दम भरने लगीं। दोनों हवाओं के गठजोड़ से मौसम का मिजाज बदल गया। पुरवा हवाएं चित्त हो गईं। आलम यह रहा कि सुबह 11 बजे के बाद ही तापमान 40 डिग्री पार कर गया था। लोग गर्मी से बेहाल रहे। दोपहर 12 बजे के बाद शहर के बाबागंज, पल्टनबाजार, सदर बाजार, भगवाचुंगी, पंजाबी मार्केट, अंबेडकर चौराहा आदि भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर सन्नाटा पसरा गया। गर्मी इतनी भीषण थी कि बाहर निकलना मुश्किल था। सडक़ से गुजर रहे राहगीर पसीने से तरबतर दिखे। शीतल पेयजल की दुकानों पर गला तर करने के लिए लोगों की भीड़ लगी हुई थी। न घर में सुकू न था और न ही बाहर। यही हाल शाम को भी रहा। गर्मी चरम पर रही। दिनभर बिजली की आवाजाही लगी रही। इससे पंखे व कूलर की हवा भी राहत नहीं दे पा रही थी। शहर से लेकर गांव तक लोग गर्मी से बेहाल रहे।