उन्होंने अपनी पत्नी पूर्व एमएलसी कांति सिंह को अपना मुख्य प्रतिनिधि बनाया है। बीएल वर्मा प्रतिनिधि तो रहेंगे लेकिन वह केवल पत्राचार का काम देखेंगे। मुख्य प्रतिनिधि की गैरमौजूदगी में वह बैठकों में शामिल होंगे। फिलहाल सपा सांसद के पहले फैसले के बाद सपा के मेहनती कार्यकर्ता व पदाधिकारी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग अपनी भड़ास भी निकाल रहे हैं।
सांसद निधि को लेकर नहीं कर सकेंगी पत्राचार
सपा सांसद डॉ. एसपी सिंह पटेल की जीत में उनकी पत्नी पूर्व एमएलसी कांति सिंह का कम योगदान नहीं है। उन्हें अपना मुख्य प्रतिनिधि बनाते हुए डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि सांसद निधि के अतिरिक्त सभी प्रयोजनों के लिए होंगी। जिसे लेकर भी सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है।