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Fraud : पांडिचेरी से चोरी की गई दो बसों का हो गया पंजीकरण,  बस मालिकों के बीच विवाद के बाद खुली पोल

Thu, 20 Jun 2024 11:44 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

मध्य प्रदेश के शहडोल निवासी मृगेंद्र कुमार मिश्र ने 20 दिसंबर 2022 को अपना पता पूरे माद रामपुर गौरी दर्शाते हुए दो बसों का पंजीकरण कराने के लिए आवेदन किया। जिसके लिए विभागीय अधिकारियों ने आरआई को सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी।
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फ्रॉड केस। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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उप संभागीय परिवहन विभाग में तैनात कर्मचारी की मिलीभगत से पांडिचेरी से चोरी की दो बसों का परिवहन कार्यालय में पंजीकरण हो गया। बस मालिकों के बीच हुए विवाद के बाद पोल खुली तो विभाग अपना पल्ला झाड़ते हुए फिर से दोनाें बसों को एनओसी देकर मध्य प्रदेश के रीवां जाने दिया गया। पूरे प्रकरण की जांच के लिए यूपी मोटर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन ने परिवहन आयुक्त को पत्र भेजा है।

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मध्य प्रदेश के शहडोल निवासी मृगेंद्र कुमार मिश्र ने 20 दिसंबर 2022 को अपना पता पूरे माद रामपुर गौरी दर्शाते हुए दो बसों का पंजीकरण कराने के लिए आवेदन किया। जिसके लिए विभागीय अधिकारियों ने आरआई को सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी। जांच के बाद आरआई रंजीत सिंह ने प्रयागराज आरटीओ को चेसिस नंबर संदिग्ध मानते हुए भौतिक सत्यापन के बाद दिशा निर्देश मांगा। वहां से आरटीओ राजेश कुमार मौर्य ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन को पत्र भेजते हुए पांडिचेरी से अनापत्ति मंगाकर कार्रवाई के लिए कहा।

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एआरटीओ कार्यालय की मिलीभगत से हो गया पंजीकरण

आरोप है कि वहां से बिना एनओसी आए ही कर्मचारियों की मिलीभगत से दोनों बसों का एआरटीओ कार्यालय से पंजीकरण हो गया। जिले का फर्जी पता दिखाकर मृगेंद्र कुमार मिश्र बसों का संचालन शुरू करने लगा। तभी उसके पार्टनर से विवाद हो गया। जिसके बाद दोनों बसों के चोरी होने का मामला उजागर हो गया। जब बात आगे बढ़ने लगी तो दोनों बसों को प्रतापगढ़ से भी एनओसी दे दी गई और अगला पंजीकरण मध्य प्रदेश के रीवां में करा दिया गया।

प्रकरण संज्ञान में आने के बाद ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष विजय सिंह ने परिवहन आयुक्त को शिकायती पत्र देते हुए प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की गई। आरोप लगाया कि कार्यालय के कुछ कर्मचारी सुविधा शुल्क लेकर चोरी के वाहनों का पहले भी पंजीकरण करा चुके हैं। एआरटीओ प्रशासन वीके सिंह ने बताया कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं आया। ऐसी कोई शिकायत भी उनके पास नहीं आई। यदि आती है तो वह जांच कराएंगे।

प्रतापगढ़ के ही रहने वाले हैं परिवहन आयुक्त

परिवहन आयुक्त चंद्रभूषण सिंह प्रतापगढ़ जनपद के ही निवासी हैं। ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन की ओर प्रकरण संज्ञान में लाए जाने के बाद उन्होंने पूरे मामले में जांच के आदेश दिए हैं।
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