उप संभागीय परिवहन विभाग में तैनात कर्मचारी की मिलीभगत से पांडिचेरी से चोरी की दो बसों का परिवहन कार्यालय में पंजीकरण हो गया। बस मालिकों के बीच हुए विवाद के बाद पोल खुली तो विभाग अपना पल्ला झाड़ते हुए फिर से दोनाें बसों को एनओसी देकर मध्य प्रदेश के रीवां जाने दिया गया। पूरे प्रकरण की जांच के लिए यूपी मोटर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन ने परिवहन आयुक्त को पत्र भेजा है।
मध्य प्रदेश के शहडोल निवासी मृगेंद्र कुमार मिश्र ने 20 दिसंबर 2022 को अपना पता पूरे माद रामपुर गौरी दर्शाते हुए दो बसों का पंजीकरण कराने के लिए आवेदन किया। जिसके लिए विभागीय अधिकारियों ने आरआई को सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी। जांच के बाद आरआई रंजीत सिंह ने प्रयागराज आरटीओ को चेसिस नंबर संदिग्ध मानते हुए भौतिक सत्यापन के बाद दिशा निर्देश मांगा। वहां से आरटीओ राजेश कुमार मौर्य ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन को पत्र भेजते हुए पांडिचेरी से अनापत्ति मंगाकर कार्रवाई के लिए कहा।