शहर से गांव तक ईद की तैयारियां अंतिम दौर में हैं। लोग अपने घरों की साफ-सफाई के बाद खरीदारी में जुट गए हैं। सोमवार को बाजारों रौनक छाई रही। दिन में भीषण गर्मी के बावजूद उत्साह में कोई कमी नहीं आई।
रात के समय बाजारों में रतजगा जैसा माहौल है। ईद का त्योहार खुशी के बीच मनाने के लिए हर कोई खरीदारी में जुटा हुआ है। जगह-जगह कपड़े की दुकान, कॉस्मेटिक की दुकानों के अलावा ईद के लिए विशेष तौर पर सेंवई और फलों की दुकान लगाई गई है।
शहर के फलमंडी, पंजाबी मार्केट, चौक घंटाघर, श्रीराम तिराहा में दुकानों पर भीड़ के चलते जाम के हालात बने हुए हैं। बाजारों में ऋृंगार सामग्री, टोपी, इत्र के अलावा घर के सजावट के सामान उपलब्ध हैं। शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण इलाकों के लोग भी बाजारों में जमकर खरीदारी कर रहे हैं।
सेंवई 80 रुपये प्रति किलो से 250 रुपये किलो तक बाजार में बिक रही है। फलमंडी के दुकानदार शाहिद ने बताया कि मखमली टोपी, गोल टोपी की कीमत 50 रुपये से शुरू है। दूसरी टोपी भी 10 रुपये में बिक रहीं हैं।
सफेद के अलावा रेशम, चाइना जालीदार टोपी का उत्साह भी लोगों में बरकरार है। बाजार में रेडीमेड कपड़ों की धूम है। महंगी सिलाई और टेलर्स की दोनों पर भीड़ बढ़ने की वजह से ग्राहक रेडीमेड बुर्का और कुर्ता पायजामा को तवज्जो दे रहे हैं।
बुर्का में मुुंबई की डिजाइन तो कुर्ता में लखनवी कुर्ता मांग में सबसे ऊपर है। बुर्का की कीमत डेढ़ हजार से रुपये से शुरू हैं तो कुर्ता पायजामा औसतन पांच सौ रुपये से 15 सौ रुपये तक के हैं।
दुकानदारों की मानें तो महिलाओं की भीड़ तीन गुना तक बढ़ गई है। चूड़ी , क्राकरी व कपड़ों की दुकानें रात भर खुलने लगी हैं। चूड़ी का एक सेट पांच सौ रुपये से 2500 हजार रुपये तक का है। सामान्य चूड़ी भी 60 रुपये दर्जन की कीमत में बिक रही है।