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प्रतापगढ़ : आग से झुलसे आतिशबाज के दूसरे बेटे ने भी तोड़ा दम, मृतकों की संख्या चार हुई

Fri, 08 Apr 2022 12:21 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

कोहड़ौर कस्बे के रहने वाले आतिशबाज अशफाक के घर दो अप्रैल को टाइल्स लगाने का काम चल रहा था। काम करते समय अचानक टाइल्स कटर मशीन से निकली चिंगारी गैस सिलिंडर पर जार गिरी। जिससे कुछ ही देर में आग भड़क उठी।
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घटना की फाइल फोटो। - फोटो : प्रतापगढ़
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विस्तार
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स्थानीय बाजार में आतिशबाज के घर लगी आग में झुलसे सगीर उर्फ राजू ने उपचार के दौरान बृहस्पतिवार को दम तोड़ दिया। इसकी जानकारी होने पर घर में कोहराम मच गया। आग से झुलसी मृतक की बेटी भी जीवन और मौत से संघर्ष कर रही है। अब तक अग्निकांड में चार लोगों की मौत हो चुकी है। घटना के बाद से मृतक के घर के घर व आसपास मातम का माहौल व्याप्त है।

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कोहड़ौर कस्बे के रहने वाले आतिशबाज अशफाक के घर दो अप्रैल को टाइल्स लगाने का काम चल रहा था। काम करते समय अचानक टाइल्स कटर मशीन से निकली चिंगारी गैस सिलिंडर पर जार गिरी। जिससे कुछ ही देर में आग भड़क उठी। जब तक लोग कुछ समझ पाते तब तक लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। इस बीच गैस सिलिंडर तेज धमाके के साथ फट गया और दूसरे कमरों में रखे पटाखों तक आग पहुंच गई।



पटाखे भी तेज धमाके के साथ जलने लगे। सूचना पर पहुंची फायरब्रिगेड की टीम ने काफी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया। आग से झुलसे सगीर उर्फ राजू, उसकी बेटी गुड़िया उर्फ साजिया, राजेश रावत, नजमा बानो, शमा बानो को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया। यहां से सगीर, राजेश व साजिया की हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने प्रयागराज एसआरएन रेफर कर दिया।

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कटर मशीन की चिनगारी से लगी थी आग

आग बुझने के बाद किचन में टाइल्स लगा रहे संदीप पटवा निवासी लाखीपुर व अशफाक के बेटे शकील की जली हुई लाश मिली थी। जिसकी पहचान करने में लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। उपचार के दौरान मृतक संदीप के बहनोई राजेश की मंगलवार को मौत हो गई थी।



गंभीर रूप से झुलसे सगीर व उसकी बेटी जीवन और मौत से संघर्ष कर रहे थे। बृहस्पतिवार दोपहर सगीर की भी सांसें थम गईं। खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। दो जवान बेटों की मौत से अशफाक समेत पूरे परिवार की आंखों से आंसू बहते रहे। इस मामले में पुलिस पहले ही किशोरीलाल की तहरीर पर अवैध पटाखों के भंडारण समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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दूसरे बेटे की मौत के बाद टूट गया अशफाक
आग लगने से बेटे शकील की मौत से गमजदा परिवार पर बृहस्पतिवार को दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे सगीर उर्फ राजू की भी मौत हो गई। खबर मिलने पर पिता अशफाक फूट-फूटकर रोया। परिवार के दूसरे सदस्य भी बिलखते रहे। आग में गृहस्थी के सारे सामान जल गए थे। खाने-पीने की दिक्कत के साथ ही  झुलसे परिजनों के इलाज में दिक्कत हो रही थी।



हादसों के बाद भी नहीं लेते सबक, घर में रखते हैं मौत का सामान
जिले में अवैैध पटाखों का भंडारण करने वाले आतिशबाजों में प्रशासन का कोई खौफ नहीं रहता। पूर्व में भी कटरामेदनीगंज, कटरागुलाबसिंह, बेगमवार्ड, अंतू, सुवंसा समेत कई स्थानों पर अवैध रूप से डंप पटाखों से हादसे हो चुके हैं। कोहड़ौर में भी दस साल पहले हादसे में लोग झुलसे थे। यहां नौ लोगों के पास पटाखा बनाने व बेचने का लाइसेंस है।



घटनाओं के बाद भी आतिशबाज अपने घर में मौत का सामान रखने से बाज नहीं आते। छोटी सी चूक से लोगों की जान तक जाती रही। कुछ दिनों बाद सब कुछ भूलकर आतिशबाज अपने घरों में पटाखों का भंडारण करने लगते हैं। प्रशासन भी केवल दीपावली के पर्व पर ही ऐसे आतिशबाजों के मकानों व गोदामों की जांच करने पहुंचता है। या फिर कोई हादसा होने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता बढ़ जाती है।
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