सोमवार एक मार्च को मीरा भवन स्थित वीएसएमपीएस स्कूल में प्रार्थना करते बच्चे।
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कोरोना महामारी के चलते बंद हुए प्राइमरी स्कूलों में 11 माह बाद सन्नाटा टूटा। कोविड नियमों का पालन कराते हुए बच्चों को स्कूल में प्रवेश दिलाया गया। काफी दिनों बाद खुले स्कूलों में बच्चों को सब्जी रोटी के साथ खाने के लिए हलवा मिला। जिसे देख बच्चे खुशी से चहक उठे। गिने चुने बच्चे ही स्कूल पहुंचे मगर कोविड के नियमों का पालन करते हुए प्रार्थना के बाद शिक्षण कार्य प्रारंभ हुआ।
कोरोना संक्रमण काल का दौर समाप्त होने के बाद सोमवार को जिले भर के कक्षा एक से पांच तक केस्कूल खोल दिए गए। जबकि कक्षा छह से आठ तक के स्कूलों को 15 फरवरी से ही खोला जा चुका है। पहले दिन स्कूल में गिने-चुने बच्चे ही दिखाई पड़े। पुरानामाल गोदाम रोड पर स्थित प्राइमरी स्कूल में तीन बच्चे, कन्या विद्यालय में चार और दहिलामऊ प्राइमरी स्कूल में नौ बच्चे उपस्थित थे।
हालांकि कुछ प्राइमरी स्कूलों के शिक्षक बच्चे का स्वागत करने के लिए गेट पर ही खड़े मिले। मॉडल प्राइमरी स्कूल जोगापुर में जो बच्चे मास्क लगाकर नहीं आए थे, उन्हें शिक्षकों ने मास्क पहनाने के बाद ही स्कूल में प्रवेश दिया। जिले के अधिकांश निजी स्कूलों की बसें नहीं चलने से गिने-चुने ही बच्चे ही स्कूल पहुंचे।
अधिकांश स्कूलों में देखने को मिला कि कक्षा एक में पढ़ने वाले बच्चे स्कूल नहीं आए थे, स्कूल में जो बच्चे आए हुए थे, वे कक्षा पांच के अधिक थे। अफसरों के निर्देश के चलते बच्चों को मिड्डे मील में रोटी सब्जी के साथ हलवा खाने को मिला। इसके अलावा स्कूलों में बच्चों को फल खाने के लिए वितरित किया गया। बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि प्राइमरी स्कूलों में कोविड-19 के नियमों के बचाव का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।
प्राथमिक विद्यालय दहिलामऊ नगर में नौ बजकर पच्चीस मिनट पर बच्चों को पढ़ाती शिक्षिका।- फोटो : PRATAPGARH