मामले की जानकारी के बाद पुलिस अधीक्षक ने देर शाम तीनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया। सिपाहियों की प्रारंभिक जांच के साथ ही बर्खास्तगी की कार्रवाई भी शुरू हो गई है। राहुल और राकेश 2019 बैच के सिपाही हैं। जबकि धर्मधुरंधर 2011 बैच का आरक्षी है। पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने बताया कि लूट के आरोप में पकड़े गए तीनों सिपाहियों को निलंबित करते हुए विभागीय जांच कराई जा रही है। उनके गृह जनपद में भी आपराधिक इतिहास की छानबीन होगी।
राहुल ने लिया था 15 दिन का अवकाश
कंधई थाने में तैनात सिपाही राहुल सिंह ने 15 दिन का अवकाश लिया था। शनिवार को ही उसने थाने से अपनी रवानगी कराई थी। जबकि राकेश व धर्म धुरंधर अवकाश नहीं लिए थे। ड्यूटी समाप्त होने के बाद देर शाम तीनों प्रयागराज के लिए एक साथ निकले थे।
एसओजी का सिपाही बन कारोबारी से 50 हजार वसूलने का राकेश पर लगा था आरोप
प्रयागराज पुलिस के हत्थे चढ़े सिविल लाइंस पुलिस चौकी में तैनात आरक्षी राकेश का विवादों से पुराना नाता रहा है। सिपाही राकेश की पहली तैनाती सिविल लाइन चौकी पर ही हुई है करीब डेढ़ साल पहले सिविल लाइन के रहने वाले एक कारोबारी को वह अपने एक साथी सिपाही के साथ एसओजी का सिपाही बनकर कमरे पर उठा ले गया था। वहां उससे पचास हजार रुपए की मांग की। दोनों को झांसा देकर कारोबारी वहां से निकलने में कामयाब रहा। इस मामले की पीड़ित कारोबारी ने पुलिस अफसरों से शिकायत की मगर उस पर दबाव बनाते हुए कुछ लोगों ने मामले को रफा दफा कर दिया था। अक्सर वह सादी वर्दी में ही क्षेत्र में नजर आता था अपने आपको क्राइम ब्रांच का सिपाही बताता था।
फोन न पर अफसर से अभद्रता करने पर धर्म धुरंधर हुआ था लाइन हाजिर
पुलिस लाइन में तैनात धर्म धुरंधर ने करीब दां साल पहले फोन पर एक अफसर से अभद्रता की थी। जिसके चलते उसे लाइन हाजिर कर दिया गया था। जिला कारागार से वह बंदियों को न्यायालय लाने व पेशी के बाद जेल पहुंचाने की ड्यूटी कर रहा था।
मोहनगंज में तैनाती के दौरान लाइन हाजिर हुआ था राहुल
कंधई थाने में तैनात सिपाही राहुल सिंह की पोस्टिंग ट्रेनिंग के बाद मोहनगंज पुलिस चौकी पर हुई थी। उसके कई साथी कुंडा सर्किल में पोस्ट थे। बताते हैं कि वह अपनी पोस्टिंग कुंडा सर्किल में कराने के लिए डेढ़ साल पहले तत्कालीन पुलिस कप्तान के सामने पेश हुआ था। पुलिस अधीक्षक के सवाल का वह सही जवाब नहीं दे सका। उसके कार्यों की जांच कराने के बाद पुलिस अधीक्षक ने उसे लाइन हाजिर कर दिया हालांकि कुछ दिनों बाद उसे कंधई थाने में तैनाती मिली थी।