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भीषण हादसे में 12 की मौत: ऐसा लगा बम फटा, फिर आंखों के सामने छा गया अंधेरा, घायल बोला-आंख खुलीं तो शव ही शव...

Wed, 12 Jul 2023 12:00 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

लखनऊ- वाराणसी राजमार्ग पर सोमवार अपराह्न वाराणसी की ओर जा रहा एलपीजी टैंकर सामने से आ रहे सवारियों से भरे टेंपो को रौंदते हुए पलट गया। हादसे में टेंपो चालक समेत 12 लोगों की मौत हो गई और चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
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Road Accident Pratapgarh - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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टेंपो की गति बहुत तेज नहीं थी। शहर से लीलापुर के पास पहुंचे ही थे कि अचानक जोरदार धमाका हुआ और सिर टेंपो की छत से जा टकराया। इसके बाद आंखों के सामने अंधेरा छा गया। फिर क्या हुआ, पता नहीं। होश आया तो खुद को अस्पताल में पाया। प्रतापगढ़ हादसे में घायल अकबाल बहादुर सिंह एसआरएन अस्पताल में जब यह बातें कह रहे थे तो उनके चेहरे पर खौफ था। आपबीती सुनकर उनके परिजन भी सहम उठे।
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अकबाल हादसे में घायल उन चार लोगों में शामिल हैं, जिनका इलाज एसआरएन अस्पताल में चल रहा है। उनके अलावा विमला देवी पत्नी रामदास सरोज निवासी टेंउगा कोतवाली, सतीश कुमार तिवारी (30) निवासी नेवादा मऊआइमा और अभिनव (नौ) पुत्र पितृदेव निवासी बंधुआ सुल्तानपुर भी एसआरएन अस्पताल में भर्ती हैं।

अकबाल ने बताया कि वह बैंक के काम से शहर गए थे। काम होने के बाद वह टेंपो से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान वह हादसे का शिकार हो गए। बेटे आकाश ने बताया कि पिता के सिर व दोनों पैरों में गंभीर चोट आई है। 
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घायल विमला देवी ने बताया कि वह टेंपो से पड़वाजी गांव स्थित मायके जा रही थीं, तभी यह हादसा हो गया। उन्होंने बताया कि सामने से आ रहा टैंकर बहुत तेज गति से चल रहा था। अचानक टैंकर बेकाबू होकर पलट गया और टेंपो को चपेट में ले लिया। वह अन्य सवारियों के नीचे दब गईं और चीखपुकार मच गई। फिर क्या हुआ, उन्हें नहीं पता।
 

बेटी व भाई की मौत, बेटे की हालत गंभीर
हादसे में घायल होने वालों में अभिनव (नौ) पुत्र पितृदेव निवासी बंधुआ सुल्तानपुर कला भी शामिल है। उसका इलाज एसआरएन के सर्जरी वार्ड में चल रहा है। हादसे ने इस परिवार को गहरा जख्म दिया है। अभिनव की बहन गौरी (10) व मामा नीरज पांडेय (18) की हादसे में मौके पर ही मौत हो गई थी। 

मां संगीता मिश्रा ने बताया कि दोनों बच्चे ननिहाल में रहकर पढ़ाई करते थे। गर्मी की छुट्टी होने पर वह एक महीने से अपने पैतृक घर सुल्तानपुर में थे। स्कूल खुलने पर भाई नीरज सोमवार को दोनों को लेकर जूड़ापुर, धनसारी थाना जेठवारा स्थित घर लौट रहा था। रास्ते में हादसा हो गया।

परिजन सुबह ही ले गए शव
प्रतापगढ़ हादसे में कुल सात घायलों को एसआरएन अस्पताल भेजा गया था। इनमें से राधेश्याम (50) निवासी नारायणपुर जेठवारा व उनकी पत्नी अंजू (46) के अलावा रमेश (28) निवासी घीसा का पुरवा, लीलापुर की मौत हो गई थी। डीएम की अनुमति से रात में ही शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। सुबह परिजन शव लेकर रवाना हो गए।
 

आपको बता दें कि लखनऊ- वाराणसी राजमार्ग पर सोमवार अपराह्न वाराणसी की ओर जा रहा एलपीजी टैंकर सामने से आ रहे सवारियों से भरे टेंपो को रौंदते हुए पलट गया। हादसे में टेंपो चालक समेत 12 लोगों की मौत हो गई और चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का प्रयागराज स्थित एसआरएन अस्पताल में उपचार चल रहा है।
 

सोमवार अपनाह्न करीब सवा तीन बजे अमेठी में गैस खाली करने के बाद टैंकर लेकर चालक वाराणसी की ओर जा रहा था। लीलापुर में मोहनगंज विक्रमपुर मोड़ के करीब टैंकर चालक ने सामने से एक बाइक सवार व टेंपो को आता देख अचानक ब्रेक लगा दिया। तेज रफ्तार में ब्रेक लगाने से टैंकर अनियंत्रित होकर टेंपो को रौंदते हुए विपरीत दिशा में पलट गया। 

 

हादसे के बाद तेज आवाज और चीख -पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़कर वहां पहुंचे। टेंपो में कुल 16 लोग सवार थे। लोगों ने टेंपो में फंसी सवारियों को बाहर निकाला। आनन-फानन उनको उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद तीन लोगों को मृत घोषित कर दिया। 

 
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इस दौरान लोग अन्य घायलों को लेकर प्रयागराज स्थित एसआरएन अस्पताल के लिए रवाना हुए। कुछ दूर जाने पर ही छह अन्य लोगों का दम टूट गया। इस पर शव लेकर स्वास्थ्यकर्मी लौट आए। अन्य सात घायलों को प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल ले जाया गया। उपचार के दौरान तीन घायलों की यहां मौत हो गई। घटनास्थल पर जिलाधिकारी प्रकाशचंद्र श्रीवास्तव व ट्रेनी आईपीएस अमृत जैन मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी लेने के बाद घायलों की हरसंभव मदद का निर्देश दिया।
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