20 साल की लीज पर कराना होगा अनुबंध, बेसिक शिक्षा विभाग से निरस्त हुई 13 फाइलें
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। बेसिक शिक्षा विभाग की मान्यता अब आसानी से नहीं मिलेगी। उन्हीं स्कूलों को मान्यता प्रदान की जाएगी, जिन्होंने स्कूल के नाम पर जमीन खरीद रखा है और मानक के अनुरूप भवन का निर्माण कराया है। किराए के भवन में चलने वाले स्कूलों को अब मान्यता नहीं दी जाएगी। शिक्षा विभाग ने कहा है कि कम से कम बीस साल के लिए जमीन का अनुबंध कराना अनिवार्य होगा।
जिले में कक्षा एक से आठ तक खुलने वाले कई निजी स्कूल किराए पर मकान संचालित हो रहे है। शासन ने इस खेल पर रोक लगा दी है। अब मान्यता के लिए स्कूल के नाम जमीन होनी चाहिए या 20 साल की लीज का अनुबंध हो। मान्यता की फाइल पर दस्तखत करने से पहले स्कूल का निरीक्षण भी करना होगा। उसकी सीडी तैयार होने और मानक पर खरे उतरने वाले स्कूलों को ही मान्यता देने की संस्तुति की जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने मान्यता के लिए आवेदन करने वाले 13 पत्रावलियों को निरस्त कर दिया है। विभागीय जानकारों की मानें तो मान्यता के मानक में व्यापक परिवर्तन होने जा रहा है।
बिना मान्यता चल रहे हैं 429 स्कूल
जिले में कक्षा एक से आठ तक बगैर मान्यता के चलने वाले स्कूलों की संख्या 429 है। इनमें अधिकांश स्कूल ऐसे भी हैं जो कक्षा एक से पांच तक की मान्यता लेकर आठ तक कक्षाएं चला रहे हैं। इनमें से 38 स्कूलों ने मान्यता के लिए आवेदन कर रखा है। हालांकि विभाग ने स्कूलों को बंद करने का नोटिस दे रखा है।
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मान्यता के लिए बंद है वेबसाइट
कक्षा एक से आठ तक स्कूलों की मान्यता के लिए इन दिनों वेबसाइट बंद है। 17 सितंबर से खुलने की संभावना है। घर बैठे ऑनलाइन वेबसाइट पर www.prernaup.in आवेदन कर सकते हैं।
मान्यता का मानक बदल गया है। अब किराए के भवन में चलने वाले स्कूलों को मान्यता नहीं दी जाएगी। मान्यता के लिए कम से कम 20 साल के लिए अनुबंध कराना होगा।
भूपेंद्र सिंह, बीएसए