स्वशासी मेडिकल कॉलेज के नाम को लेकर जिले में रार छिड़ गई है। अपना दल के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल के नाम पर कॉलेज का नाम रखने के विरोध में सोमवार को बेल्हा नागरिक स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले लोगों ने विरोध मार्च निकाला। एलान किया कि नाम बदलने तक संघर्ष जारी रहेगा। 30 जुलाई तक अभियान चलेगा। इस दौरान भूख हड़ताल व आमरण अनशन की रणनीति बनाई जाएगी।
जिला अस्पताल को उच्चीकृत कर मेडिकल कॉलेज बनाने के बाद इसके नामकरण को लेकर सियासत तेज हो गई है। शासन ने कॉलेज का नाम अपना दल के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल के नाम पर रखा है।
अब लोग इसके विरोध में उतर आए हैं। सोशल मीडिया से शुरू हुआ विरोध सोमवार को सड़क तक पहुंच गया। सोमवार को बेल्हा नागरिक स्वाभिमान संघर्ष मोर्चा की ओर से लोग हाथों में तख्तियां लेकर शहीद उद्यान पहुंचे। जिस पर लिखा था कि बेल्हा की विभूतियों का अपमान नहीं सहेंगे।
जातिवादी मानसिकता का फैसला नहीं चलेगा और बेल्हा की माटी के सम्मान में, हम सब मैदान में। दर्जनों लोगों ने नारेबाजी करते हुए लौह पुरुष सरदार पटेल की प्रतिमा के पास पहुंचकर माल्यार्पण किया। इसके बाद जुलूस निकालकर चौक घंटाघर पहुंचे। इस दौरान पुलिस भी जुलूस के आगे पीछे भागती रही। विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना था कि मेडिकल कॉलेज का नाम बदलने तक संघर्ष जारी रहेगा। किसी भी कीमत पर मेडिकल कॉलेज का नाम डॉ. सोनेलाल के नाम से स्वीकार्य नहीं है।
इस मौके पर अभिषेक तिवारी, अच्युतानंद पांडेय, प्रदीप शुक्ला, वीके श्रीवास्तव, आसिफ अली, संदीप शुक्ला, रमाशंकर तिवारी, नीरज मिश्रा, गुड्डू पठान, जावेद अहमद, अभिषेक दुबे, आचार्य आलोक मिश्र, विवेक, मनीष दुबे, कुलदीप सिंह, आलोक तिवारी, कमलेश, धर्मराज सिंह आदि लोग मौजूद रहे। विरोध मार्च का समापन करते हुए प्रसपा के जिलाध्यक्ष अबरार जहानियां ने कहा कि डॉ. सोनेलाल पटेल के नाम पर कॉलेज के नाम पर स्वीकार्य नहीं है।
बेल्हा का सम्मान बचाने के लिए जारी रहेगा संघर्ष, आज हस्ताक्षर अभियान
बेल्हा नागरिक स्वाभिमान मोर्चा की ओर से मेडिकल कॉलेज का नाम बदलने को लेकर मंगलवार को सुबह दस बजे से अंबेडकर चौराहा, कलेक्ट्रेट, चौक घंटाघर और भंगवाचुंगी पर हस्ताक्षर अभियान चलेगा। इसके अलावा 28 जुलाई को अंबेडकर चौराहे से कलेक्ट्रेट तक मानव श्रृंखला बनाकर विरोध जताया जाएगा। 29 जुलाई को सरदार पटेल चौराहा से चौक घंटाघर तक कैंडल मार्च निकाला जाएगा। 30 जुलाई को नाम परिवर्तन के विरोध में काला दिवस मनाया जाएगा। शाम को प्रस्तावित बैठक के बाद अनिश्चितकालीन धरना व भूख हड़ताल की घोषणा की जाएगी।
अधिवक्ताओं ने सौंपा ज्ञापन
जूनियर बार एसोसिएशन पुरातन के पूर्व महामंत्री दिनेश पांडेय ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मेडिकल कॉलेज का नाम धर्म सम्राट स्वामी करपात्रीजी के नाम करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि विश्व के कल्याण के लिए धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो का नारा देने वाले महापुरुष के नाम पर कॉलेज का नाम रखा जाना चाहिए। इस मौके पर विनोद चंद्र त्रिपाठी, अनिल कुमार, प्रेमचंद्र सरोज, संतोष, सर्वेश, दारा सिंह, प्रेमचंद्र, बृजेश शर्मा समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
पूर्व विधायक व अद एस नेता आशीष पटेल आमने-सामने
स्वशासी मेडिकल कॉलेज के नामकरण लेकर भाजपा नेता और पूर्व विधायक बृजेश मिश्र सौरभ व अद एस नेता व विधान परिषद सदस्य आशीष पटेल के बीच सोशल मीडिया पर जंग छिड़ी हुई है। सोशल मीडिया पर दोनों एक-दूसरे पर हमला बोल रहे हैं। इस बीच पूर्व विधायक ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन देकर मेडिकल कॉलेज का नाम बदलने की मांग की। वहीं सदर विधायक राजकुमार पाल ने भाजपा नेता व पूर्व विधायक की मांग को गलत ठहराया है। मेडिकल कॉलेज का नाम अद संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल के नाम पर रखने के बाद जिले की राजनीति में एक बार फिर उबाल है। सत्ता दल के नेता भी मेडिकल कॉलेज के नाम को लेकर मुखर विरोध कर रहे हैं।
भाजपा नेता व पूर्व विधायक बृजेश सौरभ ने तो साफ-साफ कहा कि मेडिकल कॉलेज का नाम डॉ. सोनेलाल पटेल के नाम पर स्वीकार्य नहीं है। सोशल मीडिया पर वह इसे लेकर लगातार पोस्ट कर रहे हैं। पूर्व विधायक के बयान पर अद एस के कार्यकारी अध्यक्ष आशीष पटेल ने फेसबुक पर जवाब देते हुए लिखा कि मेडिकल कॉलेज का नाम बदलने की मांग करने वाले पूर्व विधायक सामंतवादी सोच का परिचय दे रहे हैं। प्रतापगढ़ ही नहीं पूरे प्रदेश के कमेरा समाज को हक दिलाने के लिए डॉ. सोनेलाल पटेल जीवन पर्यंत संघर्ष करते रहे।
इस पर पूर्व विधायक बृजेश सौरभ ने फिर पलटवार किया। उन्होंने लिखा कि जिले की माटी में कम कर्मयोगी नहीं रहे। देश को आजादी दिलाने से लेकर शिक्षा व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वालों की कमी नहीं है। मेडिकल कॉलेज का नाम चाहे सरदार पटेल के नाम रख दिया जाए, मगर डॉ. सोनेलाल पटेल के नाम से मंजूर नहीं है।
वहीं दूसरी ओर अपना दल एस के सदर विधायक राजकुमार पाल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज का नाम डॉ. सोनेलाल पटेल के नाम से होना किसानों व मजलूूूमों का सम्मान है। पूर्व विधायक बृजेश सौरभ द्वारा खुलकर विरोध करना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनकी गलतबयानी से दोनों दलों के विचारों में मतभेद की संभावना तेज होगी। अद एस के राष्ट्रीय महासचिव राजेंद्र प्रसाद पाल ने कहा कि विरोधी दल नाम को लेकर विरोध करें तो कोई बात नहीं। भाजपा नेता अपने ही प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के निर्णय को गलत ठहराने का प्रयास कर रहे हैं। बाबा साहब आंबेडकर के नाम का कोई विरोध नहीं करता।
अद जिलाध्यक्ष बृजेश पटेल ने कहा कि पूर्व विधायक अपना दल व भाजपा गठबंधन धर्म का मजाक उड़ा रहे हैं। सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए भाजपा नेता गलत बयानबाजी कर रहे हैं। भाजपा नेतृत्व ऐसे नेता के खिलाफ कार्रवाई करे।
पीडब्ल्यूडी डाक बंगले में आयोजित प्रेसवार्ता में बोलते सदर विधायक राजकुमार पाल। संवाद- फोटो : PRATAPGARH