कार्यकर्ताओं के विवेक पर छोड़ा था फैसला
लोकसभा चुनाव में राजाभैया ने किसी भी पार्टी को समर्थन न देने की घोषणा की है। मंगलवार को पार्टी की बैठक के बाद उन्होंने मीडिया को बताया था कि उनकी पार्टी चुनाव में किसी भी प्रत्याशी का समर्थन नहीं करेगी। कार्यकर्ता और समर्थक अपने विवेक से योग्य प्रत्याशी को मतदान करें। राजाभैया के रुख से भाजपा को तगड़ा झटका लगा था। क्योंकि राजाभैया के बयान के कुछ घंटे पहले ही केंद्रीय मंत्री संजीव बाल्यान कौशाम्बी के भाजपा प्रत्याशी विनोद सोनकर को लेकर राजाभैया के आवास बेती कोठी पहुंचे थे। इसके पहले सोमवार को इंद्रजीत सरोज भी अपने प्रत्याशी बेटे पुष्पेंद्र के साथ राजाभैया का आशीर्वाद लेने गए थे।
इंद्रजीत के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेंगे राजाभैया
राजाभैया की सपा से नजदीकी का अंदाजा इसी से लगाया जा रहा है कि राजाभैया ने इंद्रजीत सरोज के खिलाफ दायर मुकदमा वापस लेने की तैयारी शुरू कर दी है। यह मुकदमा राजाभैया की ओर से उनके समर्थक ने 2019 में दर्ज कराया था। आरोप था कि सपा के राष्ट्रीय महासचिव और मंझनपुर के विधायक इंद्रजीत सरोज ने एक सभा में राजाभैया पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी।