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कड़ाके की ठंड के बीच दिनभर बारिा, जनजीवन अस्त- व्यस्त

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शुक्रवार को सुबह हुई रिमझिम बारिश। संवाद - फोटो : PRATAPGARH
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आसमान में जमे बादल शुक्रवार को दिनभर कभी रिमझिम तो कभी झमाझम बरसते रहे। कड़ाके की ठंड के बीच बारिश से लोग कांपते रहे। जगह-जगह कीचड़ व जलभराव से लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। दुकानों व घरों में लोग स्वेटर, जैकेट पहनकर कर अलाव के सहारे बैठे रहे।
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इधर शाम को बारिश बंद हुई तो शीतलहर का कहर शुरू हो गया। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 17.0 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। शहर से लेकर गांव तक जनजीवन अस्त- व्यस्त रहा।
पश्चिमी विक्षोभ की वजह से बुधवार से ही शाम मौसम का मिजाज बदला हुआ है। आसमान में बादलों ने डेरा जमाया हुआ है। बुधवार देर रात से बारिश का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को दिनभर कभी रिमझिम तो कभी झमाझम बारिश होती रही। शहर में सभी मुहल्लों में जलभराव की समस्या रही। शहर के पल्टन बाजार, विवेक नगर, अंचलपुर, स्टेशन रोड, दहिलामऊ, सहोदरपुर, नयामाल गोदाम रोड, चंपासुर्ती रोड, पूर्व सांसद सीएन गली सहित कई मोहल्लों में जलभराव की वजह से लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी।
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दिनभर बारिश की वजह से शहर के बाबागंज, भंगवाचुंगी, घंटाघर, पंजाबी मार्केट, पल्टन बाजार, आंबेडकर चौराहा, बलीपुर, स्टेशन रोड पर सन्नाटा रहा। घरों व दुकानों पर लोग अलाव के सहारे बैठे रहे। हालांकि शाम पांच बजे के बाद बारिश थोड़ी देर के लिए बंद हो गई। लोगों ने खरीददारी के लिए बाजारों की ओर रुख किया। इससे चहल-पहल बढ़ गई।
गांव में भी लोग बारिश की वजह से घरों में ही कैद रहे। वहीं रानीगंज, पट्टी, कुंडा, लालगंज व सदर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में बाजारों में सन्नाटा रहा। मौसम विभाग के वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की वजह से मौसम का मिजाज बदल गया है।
दो दिन में 30 मिमी बारिश, अभी 48 घंटे तक खराब रहेगा मौसम
बृहस्पतिवार को पांच मिमी बारिश हुई थी। वहीं शुक्रवार को दिनभर में 25 मिमी बारिश हुई। इससे दो दिन के भीतर कुल 30 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।
चना, मटर, आलू व सरसों की फसल को भारी नुकसान
लगातार हो रही बारिश से आलू, चना, मटर व सरसों की फसलों पर संकट खड़ा हो गया है। खेतों में आलू की फसल में पानी भरने से सड़ने की आशंका बढ़ गई है। वहीं सरसों, चना व मटर की फसलों पर भी संकट है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि ऐसे ही बारिश हुई तो फसलों से कमाई तो लागत निकालना मुश्किल हो जाएगा।
जिले के किसान नकदी फसल के रूप में बहुतायत मात्रा में आलू की खेती करते हैं। 4268 हेक्टेयर में आलू की फसल बोई गई है। शुक्रवार को तेज बारिश से अधिकांश किसानों की आलू की फसल में पानी लग गया। कृषि वैज्ञानिकों की के अनुसार अगर खेतों से पानी जल्दी बाहर नहीं निकलता है तो आलू की तैयार फसल के सड़ने की आशंका है।
मौसम का यही रुख रहा तो आलू की फसल नष्ट हो सकती है। यही हाल चना, मटर व सरसों का भी रहा। बारिश से फसलों पर संकट खड़ा हो गया है। जिन सरसों के पौधों में फूल आए हैं उनमें माहूं लगने की आशंका प्रबल हो गई है। किसानों का कहना है कि यदि बारिश इसी तरह होती रहीं, तो फसलों का भारी नुकसान होगा।

शुक्रवार को दिनभर हुई रिमझिम बारिश के दौरान शहर में छायी रही धुंध। संवाद- फोटो : PRATAPGARH

नया माल गोदाम रोड रेलवे क्रासिंग भंगवा रोड पर हुआ कीचड़ से चलना हुआ दूभर। संवाद- फोटो : PRATAPGARH

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