जेलरोड रेलवे क्रासिंग आउटर पर रेल प्रशासन द्वारा कराई जा रही बैरीकेटिंग। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
हादसे रोकने के लिए रेल प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। आवारा पशुओं को बचाने और उनसे होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पटरियों के किनारे-किनारे कटीले तार लगाए जा रहे हैं। जिससे ट्रेनें बेवजह कहीं खड़ी नहीं होंगी। आवारा पशु और पालतू जानवर अक्सर रेलवे ट्रैक पर दिखाई देते थे। वह अचानक रेल ट्रैक पर आकर खड़े हो जाते हैं।
जिससे ट्रेनों के संचालन में दिक्कत होती थी। कई बार मवेशी ट्रेन की चपेट में आ जाते थे। जिससे उनकी जान चली जाती थी। हादसा होने के बाद मवेशियों के शव ट्रेन के इंजन में फंस जाते थे। जिससे ट्रेनें लेट होती थीं। यात्रियों का समय बर्बाद होता था। हादसों पर काबू पाने के लिए रेलवे ट्रैक को कटीले तारों से घेरवा रहा है। इससे लोग टैक पर नहीं पहुंच पाएंगे।
जिले में एक नवंबर 2020 से अब तक 130 से अधिक पशुओं के कटने की घटनाएं हुई हैं। रेल प्रशासन इन दिनों जोगापुर से चिलबिला जंक्शन के बीच लाखों रुपये खर्च कर कटीले तारों से रेलवे ट्रैक को घेरवा रहा है। वहीं प्रतापगढ़ से प़ृथ्वीगंज स्टेशन के बीच भी कटीले तार लगाए जा रहे हैं।