गणेश चतुर्थी पर पंडालों और घरों में विघ्नहर्ता भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना से पहले बृहस्पतिवार को पुलिस ने कर्नलगंज में एक मूर्तिघर को सील कर दिया। मूर्तिकारों की ओर से भक्तों और पूजा समितियों के आर्डर पर तैयार की गईं गणेश प्रतिमाओं को उठाने पर रोक लगा दी गई।
प्रतिमा लेने मूर्तिघर पहुंचे लोगों को जब मूर्तियों की बिक्री पर रोक लगाए जाने की जानकारी दी गई तो वह हंगामा मचाने लगे। शुक्रवार को इस मामले को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल डीएम भानुचंद्र गोस्वामी से मिलेगा।
भरद्वाज मुनि आश्रम वाली गली में स्थित मूर्तिकार के कारखाने को बृहस्पतिवार को बंद करवा दिया गया। कारखाने पर ताला लगाने के साथ ही वहां पुलिस तैनात कर दी गई। यहां भगवान गणेश की मूर्ति लेने के लिए बृहस्पतिवार को पहुंचे भक्तों को वापस कर दिया गया।
इस दौरान पुलिस ने प्रतिमाओं को नहीं उठाने दिया। पुलिस का कहना था कि सार्वजिनक पूजा पर रोक लगाई गई है। इसलिए मूर्तियों की बिक्री नहीं होगी। यह सुनते ही कारीगर और मूर्ति लेने आए लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया।
हंगामा मचने को लेकर इंस्पेक्टर एके दीक्षित का कहना था कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सार्वजनिक पूजा पर रोक लगाई गई है। इसलिए वर्कशाप पर ताला बंद करवाया गया है। मूर्तियों की बिक्री नहीं करने दी जाएगी।
वर्कशाप के पास पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। इस दौरान कारीगरों का कहना था कि अगर आर्डर देने वाले भक्त और समितियों के लोग मूर्तियां नहीं ले गए, तो वह दाने-दाने को मोहताज हो जाएंगे कर्ज लद जाएगा अलग से। प्रतिमा उठाने पर रोक के बाद बवाल की जानकारी पाकर पार्षद आनंद घिडिल्याल भी मौके पर पहुंच गए।
उन्होंने अधिकारियों से बात की,लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। पार्षद आनंद ने पुलिस के इस कदम को आस्था पर हमला करार दिया है। उनका कहना है कि वह इस मामले को लेकर शुक्रवार को डीएम से मुलाकात करेंगे।