उत्तराखंड के चमोली में थी तैनाती, खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। नौसेना में लेफ्टिनेंट पद पर तैनात योगेश त्रिपाठी की शादी के लिए परिवार के लोग तैयारी कर रहे थे। दिसंबर में ही उनकी बहन की भी शादी होनी थी। इसके पहले यह घटना होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
नेवी में लेफ्टिनेंट के पद पर तैनात बेल्हा का लाल योगेश त्रिपाठी भूस्खलन की चपेट में आकर शहीद हो गए। शनिवार की रात खबर घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। उनका पार्थिव शरीर रविवार को आने की संभावना है। जेठवारा थाना क्षेत्र के बलीपुर परसन निवासी योगेश त्रिपाठी वर्ष 2001 में नेवी में लेफ्टिनेंट के पद पर भर्ती हुए थे। वह मौजूदा समय में पर्वतारोहन के लिए उत्तराखंड के चमोली जनपद में गए थे। जहां दो अक्तूबर को 10 सदस्यों की टीम को 15000 फीट त्रिशूल पहाड़ी पर पर्वतारोहण करना था।
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चमोली में भूस्खलन हो रहा था। दो दिन पहले अचानक योगेश अपनी टीम से बिछड़ गए। टीम के लोग स्थानीय प्रशासन की मदद से उनकी तलाश कर रहे थे। शनिवार की देर शाम उनका पार्थिव शरीर भूस्खलन के मलबे में दबा मिला। इस बात की खबर उनके पैतृक घर पहुंची तो कोहराम मच गया। रविवार तक उनका पार्थिव शरीर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।