मोबाइल लोकेशन की मदद से बाहरी लोगों की तलाश करेगी पुलिस
एसडीएम लालगंज ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह के साथ तीन बाहरी लोगों ने तहसीलकर्मी सुनील शर्मा की बेरहमी से पिटाई की थी। घायल तहसीलकर्मी की मौत के बाद मुकदमा दर्ज करने वाली लालगंज पुलिस अब मृतक के बेटे के बयान की तैयारी कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, छानबीन करने के लिए रात में ही सर्विलांस व स्वॉट टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया था। घटना के समय से एक घंटे के भीतर वहां मौजूद लोगों के बारे में मोबाइल लोकेशन के जरिए जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
सीआरपीएफ में असिस्टेंट कमांडेंट की नौकरी के बाद पीसीएस में हुआ था चयन
नायब नाजिर सुनील शर्मा की हत्या के आरोपी एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह यादव सुल्तानपुर जिले के लंभुआ स्थित दुल्हापुर गांव के मूल निवासी हैं। एसडीएम बनने से पहले वह सीआरपीएफ अलीगढ़ में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात थे। पीसीएस 2016 की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वह एसडीएम बने। उनकी पहली पोस्टिंग प्रतापगढ़ में ही हुई। जिले में ट्रेनिंग करने के बाद तीन माह तक वह रानीगंज एसडीएम रहे। इसके बाद लालगंज तहसील में तैनाती मिली थी।
लालगंज तहसील के नायब नाजिर सुनील कुमार शर्मा की मौत के बाद हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद एसडीएम ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह यादव लापता हो गए हैं। वर्ष 2016 बैच के पीसीएस अधिकारी ज्ञानेंद्र विक्रम प्रांतीय सेवा में आने से पहले अलीगढ़ जिले में सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर तैनात थे। मूलत: सुल्तानपुर जिले के लंभुआ निवासी एसडीएम की जिले को पहली तैनाती मिली थी। साधारण परिवार में जन्म लेने वाले एसडीएम के पिता लंभुआ बाजार में क्लीनिक चलाते हैं। हालांकि उनका परिवार लखनऊ में रहता है।
प्रदेश के सभी कलेक्ट्रेट और तहसीलों में तालाबंदी का एलान
उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीयल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने घटना के विरोध में सोमवार को प्रदेश के सभी कलक्ट्रेट और तहसीलों में तालाबंदी का एलान किया है। संघ के प्रांतीय अध्यक्ष सुशील कुमार त्रिपाठी ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर यदि आरोपी एसडीएम की गिरफ्तारी और सेवा से बर्खास्तगी के साथ मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा नहीं दिया गया तो प्रदेश भर के कर्मचारी आगे भी आंदोलन करने को बाध्य होंगे।