बेटियों के साथ गैंगरेप की घटनाओं से देश भले ही उबल रहा हो, लेकिन पुलिस सुधरने के लिए तैयार नहीं है। शहर से सटे भुपियामऊ के पास गाजियाबाद की बेटी के साथ हुई सामूहिक बलात्कार की घटना में पुलिस ने आरोपियों के ऊपर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। चार्जशीट भी न्यायालय में दाखिल कर दी गई, लेकिन आरोपी मेरठ में खुलेआम घूम रहे हैं। उन्हें अब तक पकड़ा नहीं जा सका है। इससे पुुलिस की कार्यशैली पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं।
गाजियाबाद के रहने वाले एक व्यक्ति ने नगर कोतवाली में 12 मार्च 2019 को मुकदमा दर्ज कराया था। उसका आरोप था कि उसकी बेटी की शादी मेरठ के बृहमपुरी थाना क्षेत्र के रसीद नगर बनिए वाला खेत निवासी शादाब पुत्र शौकीन के साथ वर्ष 2007 में हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद दहेज की मांग को लेकर शादाब ने उसकी बेटी को पीटकर भगा दिया।
दूसरी शादी करने के बाद तलाक दे दिया। जिसकी जानकारी होने पर मायके में रहने वाली उसकी बेटी ने शादाब को धमकी दी थी कि वह मामला कोर्ट में ले जाएगी। 11 मार्च को शादाब उसकी बेटी को समझौता कराने का झांसा देकर एक बोलेरो से प्रयागराज ले जाने की बात कहकर निकला था। उसके साथ बोलेरो में पांच और लोग भी थे।
जिसमें एक महिला भी शामिल थी। आधी रात को नगर कोतवाली के सरायसागर के पास पति शादाब की मौजूदगी में मेरठ के रहने वाले आशिफ, जावेद व महताब ने युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। बाद में उसका मोबाइल भी ले लिया और भुपियामऊ ओवरब्रिज के पास छोड़कर भाग निकले। इस मामले में पुलिस ने युवती के पिता की तहरीर पर पति शादाब, महिला शाहिस्ता, आसिफ, जावेद, महताब व आस मोहम्मद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र भी दाखिल कर दिया।
30 अगस्त को पुलिस अधीक्षक की ओर से सभी छह आरोपियों के खिलाफ 25 -25 हजार का इनाम घोषित किया जा चुका है। इसके बाद भी गैंगरेप के आरोपित मेरठ में खुलेआम घूम रहे हैं। जिससे युवती का पूरा परिवार भयभीत रहता है। कोतवाली पुलिस के पास आरोपियों को पकड़ने के लिए समय नहीं है। सीओ सिटी अभय पांडेय ने बताया कि गैंगरेप के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई है। पूर्व में पकड़ने के लिए टीम मेरठ गई थी, लेकिन वे घर पर नहीं मिले।
पुलिस घटना को फर्जी बताने पर थी उतारू
नगर कोतवाली के सरायसागर के पास युवती से सामूहिक दुष्कर्म की घटना को फर्जी बताने पर कोतवाली पुलिस उतारू थी। घटनास्थल का कई बार पुलिस अधिकारियों के साथ ही फोरेंसिक टीम ने भी जायजा लिया। वहां टूटी हुई चूड़ियां समेत युवती के अंत:वस्त्र मिले। जिसके बाद पुलिस को मुकदमा दर्ज कर पीड़िता को मेडिकल के लिए भेजना पड़ा।