पुलिस जिले के 274 बदमाशों की संपत्ति का ब्योरा जुटा रही है। छह संगठित गिरोह भी पुलिस के निशाने पर हैं। बीस थानों की पुलिस के ब्योरा जुटाने के बाद मुख्यालय की टीम सत्यापन करेगी।
प्रदेश में दूसरी बार योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद पुलिस अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे रखने के साथ आर्थिक क्षति के जरिए उनकी कमर तोड़ने की तैयारी की है। लुटेरे, गैंगस्टर, रंगदारी मांगने वालों के साथ ही शराब माफिया, भू माफिया व मादक पदार्थ बेचने वाले लोगों पर शिकंजा कसने का लक्ष्य पुलिस प्रशासन को दिया गया है।
एडीजी प्रयागराज जोन प्रेमप्रकाश की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि ऐसे अपराधियों की संपत्तियों का पुलिस ब्योरा तैयार करे। उनकी बेनामी संपत्ति पर विशेष ध्यान दिया जाए। संगठित गिरोह बनाकर अकूत संपत्ति हासिल करने वाले बदमाशों की बेनामी संपत्तियों को सीज किया जाए। पिछले पांच वर्षों से अब तक निरुद्ध किए गए गैंगस्टर आरोपियों की सूची तैयार कराई जाए।
साथ ही राजस्व टीम के साथ पुलिस चिह्नित अपराधियों की संपत्तियों का मूल्यांकन करें। जिले में संगीन आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले जौनपुर, अमेठी, सुलतानपुर के बदमाशों को भी कार्रवाई की जद में पुलिस ने शामिल किया है। कुल चिह्नित 274 बदमाशों की संपत्तियों की जांच बीस थानाध्यक्षों को दी गई है। वे अपनी रिपोर्ट तैयार करने के साथ ही राजस्व टीम का भी सहयोग लेंगे। थानाध्यक्ष की रिपोर्ट मिलने के बाद मुख्यालय की पुलिस टीम सत्यापन करेगी। जिसके बाद कार्रवाई शुरू होगी।