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Pratapgarh News: जिला समाज कल्याण अधिकारी ने फांसी लगाकर दी जान, फंदे से लटकता मिला शव, आजमगढ़ में थे तैनात

Thu, 11 Sep 2025 01:22 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़

सार

Pratapgarh News : आजमगढ़ के जिला समाज कल्याण अधिकारी आशीष सिंह (40) ने फांसी लगाकर जान दे दी। वह अपने घर प्रतापगढ़ आए थे। उनका शव कमरे में फंदे से लटकता मिला है। उनकी पत्नी सुल्तानपुर जिले में अपने मायके में हैं। दोनों के बीच फोन पर विवाद की बात सामने आ रही है। फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। 
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जिला समाज कल्याण अधिकारी आशीष सिंह। फाइल फोटो - फोटो : संवाद।
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विस्तार
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आजमगढ़ के जिला समाज कल्याण अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार सुबह अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। सुबह वह ड्यूटी पर जाने के लिए निकल रहे थे। तभी मायके में रह रही पत्नी का फोन आने पर बातचीत के दौरान दोनों के बीच झगड़ा हो गया।

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नगर कोतवाली के पूरे केशवराय निवासी 40 वर्षीय आशीष सिंह जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर आजमगढ़ में तैनात थे। शनिवार को वह छुट्टी पर घर आए थे। पत्नी क्षमता सिंह अपने मायके सुल्तानपुर में थी। बृहस्पतिवार सुबह वह ड्यूटी पर जाने के लिए घर से निकल रहे थे। इसी बीच फोन पर पत्नी का कॉल आया। परिजनों के अनुसार फोन पर वह पत्नी से तेज आवाज में बात करते हुए झगड़ रहे थे। कुछ ही देर में वह तेज कदमों से घर लौटे और अपने कमरे में चले गए।

उनका अक्सर पत्नी से झगड़ा होता रहता था इसलिए घर वालों ने भी ध्यान नहीं दिया। 15 मिनट बाद भी वह कमरे से बाहर नहीं निकले। ऐसे में छोटा भाई रोहित कमरे की ओर गया। दरवाजा खटखटाने पर कोई जवाब नहीं मिला। उसने खिड़की से झांककर देखा। अंदर भाई आशीष का शव गमछे के सहारे फंदे से लटक रहा था। उसने तुरंत शोर मचाकर लोगों को बुलाया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने वीडियोग्राफी के बीच दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतरवाया। शव देखते ही परिजन रोते बिलखते रहे।
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आशीष सिंह की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन। - फोटो : संवाद।
आशीष की 10 साल पहले हुई थी शादी

आशीष की शादी करीब 10 साल पहले सुल्तानपुर की क्षमता सिंह के साथ हुई थी। दोनों का एक 5 साल का बेटा है। 2 साल से दोनों का झगड़ा चल रहा है और पत्नी मायके में ही रह रही हैं। करीब 3 महीने से विवाद ज्यादा बढ़ गया था, जिससे आशीष परेशान रहते थे।

दो साल पहले पास की थी परीक्षा, मिली थी नौकरी

वहीं आशीष के परिवार में मां पुष्पा सिंह और पिता रामबहादुर के अलावा तीन भाई व दो बहन हैं। बहन पूर्णिमा और सुजिता की शादी हो गई है। बड़े भाई आनंद भूषण कानपुर में प्राइवेट नौकरी करते हैं और उनका परिवार वहीं पर रहता है। आशीष दूसरे नंबर पर थे। छोटा भाई रोहित सेक्रेटरी है, उनकी तैनाती बाबा बेलखरनाथ धाम में है। रोहित ही मां-पिता के साथ गांव में रहते हैं।
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आशीष सिंह की मौत के बाद घर पर जुटी भीड़। - फोटो : संवाद।
पहले मिली थी खंड शिक्षा अधिकारी की नौकरी

बचपन से ही पढ़ाई में होनहार आशीष को पहली नौकरी बेसिक शिक्षा विभाग में खंड शिक्षा अधिकारी के पद पर मिली थी। करीब दो साल पहले उन्होंने पीसीएस की परीक्षा पास की। समाज कल्याण अधिकारी के रूप में पहली तैनाती अमरोहा में थी, जबकि दूसरी तैनाती आजमगढ़ हुई। घटना की जानकारी मिलने पर पहुंचे कर्मचारियों का कहना था कि साहब बहुत अच्छे थे।

पत्नी पर भड़के लोग, लगाया परेशान करने का आरोप

आशीष की खुदकुशी पर गांव के लोग पत्नी क्षमता के रवैये पर आक्रोश जताते रहे। मृतक के चाचा पूर्व प्रधान शिवजीत सिंह ने बताया कि पत्नी से काफी समय से विवाद चल रहा था। उनके परिवार के लोग भी भतीजे को परेशान कर रहे थे। पिछले कुछ दिनों से ये लोग ज्यादा ही परेशान करने लगे थे। इसी के चलते भतीजे ने मौत को गले लगा लिया।

आजमगढ़ में तैनात समाज कल्याण अधिकारी आशीष सिंह ने प्रथम दृष्टया खुदकुशी की है। वह अवकाश पर अपने गांव आए हुए थे। छानबीन के दौरान पत्नी से विवाद का मामला सामने आ रहा है।परिजनों की शिकायत के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। - प्रशांत राज , सीओ सिटी
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