मृतक के चाचा देवेंद्र राय, जो घटना के वक्त अजीत को राशन देने आए थे, ने तत्काल शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने शिब्ली इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल मोहम्मद इफ्तखार खान तथा फिजिक्स डिपार्टमेंट के हेड मोहम्मद जकारिया को भी साजिश में शामिल बताया था। मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की।
अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता और सीबीसीआईडी के अधिवक्ता ने कुल 16 गवाहों की गवाही कराई। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही सभी के ऊपर 45-45 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने अर्थदंड की आधी धनराशि स्व. अजीत राय के परिजनों को देने का आदेश दिया।