रानीगंज के शिवसत में निर्माणाधीन राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माण में विधायक के अनियमितता उजागर करने पर जिला प्रशासन ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच करने के लिए कहा था। आरईएस के सहायक अभियंता और टीम की मौजूदगी में नमूने लेकर जांच के लिए प्रयागराग स्थित एमएनएनआईटी भेजे गए।
राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज शिवसत के भवन निर्माण की अनियमितता की जांच के लिए सपा विधायक डॉ. आरके वर्मा के पत्र लिखने के बाद भी जांच के लिए नामित किए गए प्रोफेसर का नाम नहीं बदला गया। विधायक ने डीएम को पत्र लिखकर एमएनएनआईटी के लैब प्रभारी के नाम पत्र लिखने के लिए कहा था। उन्होंने एमएनआईटी के निदेशक को भी लैब प्रभारी या किसी और से जांच कराने के लिए पत्र लिखा था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। 20 जुलाई के बाद एमएनएनआईटी से रिपोर्ट आने की संभावना है।
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रानीगंज के शिवसत में निर्माणाधीन राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माण में विधायक के अनियमितता उजागर करने पर जिला प्रशासन ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच करने के लिए कहा था। आरईएस के सहायक अभियंता और टीम की मौजूदगी में नमूने लेकर जांच के लिए प्रयागराग स्थित एमएनएनआईटी भेजे गए। रानीगंज विधायक डॉ. आरके वर्मा का आरोप था कि कार्यदायी संस्था सीएंड डीएस ने खुद से एमएनएनआईटी के प्रो. आरपी तिवारी को जांच अधिकारी नामित कर दिया। जबकि वह लैब प्रभारी नहीं हैं। विधायक ने लैब प्रभारी या किसी और से जांच कराने की मांग की थी, मगर अफसरों ने कोई ध्यान नहीं दिया।
एमएनएनआईटी में अभी भी आरपी तिवारी का नाम जांच से नहीं हटाया गया है। इधर, अफसरों का कहना है कि 20 जुलाई के बाद ही जांच रिपोर्ट आने की संभावना है। इधर, प्राविधिक शिक्षा मंत्री आशीष पटेल के हस्तक्षेप के बाद सीडीओ की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम भी मामले की जांच के लिए गठित की गई है। टीम अभी मौके का निरीक्षण नहीं कर पाई है। जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल का कहना है कि नमूनों की रिपोर्ट के बिना आगे कोई कार्रवाई नहीं हो सकती है। अगले सप्ताह तक रिपोर्ट आने की संभावना है।