ट्रेनिंग के बाद अनूप की कानपुर में हुई थी पहली तैनाती
शहीद अनूप की पत्नी नीतू ने बताया कि उन्नाव में ट्रेनिंग करने के बाद कानपुर में अनूप की पहली पोस्टिंग हुई थी। अनूप 2004 में कांस्टेबल के पद पर पुलिस में भर्ती हुए थे। अपनी मेहनत के बल पर 2015 में दरोगा बने थे। ट्रेनिंग के बाद दरोगा पद पर 2017 में उनकी पहली पोस्टिंग कानपुर के बाबूपुरवा थाने में हुई। फिर टिकरा चौकी के बाद मंधना चौकी में तैनाती हुई थी।
पहले सीओ की बेटी, फिर दरोगा की पत्नी को मिली नौकरी
बिकरू कांड में बिल्हौर सीओ देवेंद्र मिश्रा (मूल रूप से बांदा निवासी) भी शहीद हुए थे। उनकी बड़ी बेटी वैष्णवी मिश्रा ने ओएसडी पद के लिए आवेदन किया था। एक साल तक चली प्रक्रिया के बाद वैष्णवी को ओएसडी की नौकरी मिल गई थी। वैष्णवी की तैनाती पुलिस मुख्यालय में की गई थी, लेकिन अब उनका तबादला कानपुर कमिश्नरी में कर दिया गया है। दो साल बाद अब शहीद दरोगा अनूप की पत्नी नीतू को ओएसडी की नौकरी दी गई है, जिससे परिवार के लोगों की परेशानी दूर हो गई है।