फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रतापगढ़ : दस करोड़ से ऊपर की ग्यारह बड़ी परियोजनाओं में भी गोलमाल

Mon, 27 Jun 2022 12:23 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

शिवसत स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए 48.12 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिसमें 53 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसी तरह लक्ष्मणपुर विकास खंड के महुआगाबीवन में राजकीय डिग्री कॉलेज का निर्माण 10.10 करोड़ की लागत से हो रहा है, जिसमें अभी तक  13 प्रतिशत कार्य ही हुआ है।
विज्ञापन
Pratapgarh News : फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शिवसत में निर्माणाधीन राजकीय इंटर कॉलेज के साथ जिले में दस करोड़ से ऊपर की लगात ग्यारह बड़ी परियोजनाओं में भी गोलमाल की आशंका है। डीएम ने सभी परियोजनाओं की जांच शुरू करा दी है। सप्ताह भर के अंदर सभी की रिपोर्ट देनी है। इससे कार्यदायी संस्थाओं में हड़कंप मचा है। 

विज्ञापन



शिवसत स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए 48.12 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिसमें 53 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसी तरह लक्ष्मणपुर विकास खंड के महुआगाबीवन में राजकीय डिग्री कॉलेज का निर्माण 10.10 करोड़ की लागत से हो रहा है, जिसमें अभी तक  13 प्रतिशत कार्य ही हुआ है। मोहनगंज में अक्षम स्कूल के निर्माण के लिए 9.56 करोड़ रुपये मिले थे, जिसमें 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो गया है।


इसी तरह रानीगंज के बैरमपुर में 50 बेड के संयुक्त अस्तपाल के निर्माण के लिए 13.21 करोड़ रुपये मिले हैं। अभी तक 70 प्रतिशत काम होने का दावा किया जा रहा है।शिवसत में सौ बेड के अस्पताल के लिए 18.21 करोड़ रुपये मिले हैं, जिसमें अभी 31 प्रतिशत काम हुआ है। खमपुर दूबेपट्टी में 14.12 करोड़ रुपये की लागत से राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज का निर्माण हो रहा है, जिसमें अभी तक 19 प्रतिशत काम हुआ है।

विज्ञापन

इसी तरह शिवसत में  ड्रग वेयर हाउस के निर्माण के लिए 11.23 करोड़ रुपये मिले हैं। यहां अभी मात्र दस प्रतिशत ही काम पूरा हो सका है। माध्यमिक विद्यालय चलाकपुर के निर्माण के लिए 11.23 करोड़ रुपये मिले हैं, जिसमें 78 प्रतिशत काम हुआ है। पुलिस लाइन में 67.23 करोड़ रुपये की लागत से ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण हो रहा है। जिसमें 70 प्रतिशत निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है।


पट्टी में राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज के के लिए 13.21 करोड़ मिले हैं। यहां 42 प्रतिशत कार्य पूर्ण होने का दावा किया जा रहा है। मंगरौरा के सरसीखाम में 15.23 करोड़ रुपये की लागत से स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इन निर्माण कार्यों की जांच के लिए पहले जिला प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग के अफसरों की टीम गठित की थी। अनियमितता की शिकायतें आने के बाद डीएम ने विशेष टीम का गठन करके पूरे मामले की जांच करने के लिए कहा है। डीएम ने पहले ही कह दिया है कि अगर अनियमितता पाई जाती है, तो कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। 

ऑडीटोरियम और ब्लॉक भवन की खंगाली जाएगी गुणवत्ता 
सदर ब्लॉक भवन का निर्माण सात माह से बजट के अभाव में ठप है। जबकि 4.87 करोड़ रुपये की लागत से ऑडीटोरियम भवन का निर्माण कच्छप गति से हो रहा है। इन भवनों के निर्माण की गुणवत्ता जांचने के लिए नई टीम का गठन किया गया  है। पहले से गठित टीम सिर्फ कागजी कोरम पूरा कर रही थी। डीएम की विशेष  टीम की जांच से वास्तविकता सामने आएगी। 


विधायक बोले, अनियमितता साबित नहीं हुई तो राजनीति से ले लूंगा संन्यास 
इंजीनियरिंग कॉलेज की दीवार ढहने के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद रविवार को रानीगंज से सपा विधायक डॉ. आरके वर्मा ने पीडब्ल्यूडी डाकबंगले में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मेरी आवाज दबाने के लिए मुकदमा दर्ज कराया गया है, लेकिन मैं शांत बैठने वाला नहीं हूं। सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ी जाएगी। इंजीनियरिंग कॉलेज का निर्माण एक दिन के लिए नहीं कराया जा रहा है, बल्कि वह 50 साल तक कायम रहेगा।


उन्होंने आरोप लगाया कि इंजीनिय रिंग कॉलेज के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग, आरईएस और जिम्मेदार अफसरों की टीम बनाकर गुणवत्ता की जांच करा ली जाए। अगर जांच में अनियमितता  नहीं मिलती है तो राजनीति से संन्यास ले लूंगा। विधायक ने कहा कि हमने भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए यह कदम उठाया था। एफआईआर से मैं डरने वाला नहीं हूं।
विज्ञापन

विधायक के समर्थक बचाव के लिए खोज रहे जुगाड़ 
इंजीनियरिंग कॉलेज की दीवार गिराने के मामले में विधायक सहित छह आरोपियों के नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद समर्थक अब बचाव का रास्ता खोज रहे हैं। जो लोग विधायक के दीवार गिराते समय फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे थे, वे अब यह कहते फिर रहे हैं कि घटना के समय मैं नहीं था। बेवजह मुकदमे में घसीटा रहा है।


मुख्य सचिव का फोन आने के बाद दर्ज हुआ मुकदमा 
कंधई कोतवाली में सपा  विधायक के खिलाफ मुख्य सचिव का फोन आने के बाद मुकदमा दर्ज हुआ। कंधई के एसएचओ त्रिलोकी प्रसाद पांडेय को जब तहरीर मिली तो उन्होंने प्रोजेक्ट मैनेजर को डांटकर भगा दिया था। बाद में जब अफसरों का फोन घनघनाया तो रात में ही मुकदमा दर्ज कर उच्च अधिकारियों को अवगत कराया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें