जो सुना वही पहुंचा साहबगंज
शुक्रवार की रात मनोज का शव साहबगंज बाजार आने की जानकारी होने पर आसपास के लोग भी भागकर बाजार पहुंच गए। रात में वहां भारी भीड़ जमा थी। शनिवार की सुबह भी आसपास के गांवों के लोग भी बाजार में डटे थे। हर कोई मनोज की मां राजकुमारी, भाई दिलीप व जीतेंद्र को सांत्वना देता रहा।
रवि का हर राज जानता था मनोज
लालगंज कोतवाली के साहबगंज बाजार के रहने वाले रवि व मनोज बचपन के दोस्त थे। लोगों के अनुसार, रवि व मनोज एक दूसरे का हर राज जानते थे। अक्सर दोनों एक साथ देखे जाते थे। रवि के चलते ही मनोज की हत्या की बात हर किसी की जुबान से निकलती रही। रवि से अयोध्या की किसी लड़की से आशनाई की लोग चर्चा करते रहे।
रवि का चेहरा देखते ही बेहोश हो गई मां
अयोध्या में पोस्टमार्टम के बाद रवि मोदनवाल का शव लेकर परिजन देर रात आसलपुर बाजार पहुंचे। बड़े बेटे रवि का शव देखते ही मां मालती देवी रोते हुए बेहोश हो गई। बहन रानी, सलोनी व भाई विष्णु का रो-रो कर बुरा हाल रहा। शनिवार की सुबह आसलपुर बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। बवाल की आशंका में पुलिस मुस्तैद रही। अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।