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प्रतापगढ़: हाथ-पैर काटने के बाद दलित किसान को चारपाई में बांधकर जिंदा फूंका

Tue, 18 Jun 2019 12:55 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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विनय कुमार सरोज उर्फ बबलू - फोटो : pratapgarh
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 पट्टी कोतवाली क्षेत्र के बेलारामपुर में सोमवार को एक सनसनीखेज वारदात से हड़कंप मच गया। गांव के बाहर पंपिंगसेट पर सो रहे दलित किसान के हाथ-पैर काटने के बाद उसे चारपाई में बांधकर जिंदा फूंक दिया गया। उसका शव पूरी तरह जल गया था।
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खबर मिलते ही पुलिस भागकर मौके पर पहुंची। घटना से आक्रोशित लोगों ने पुलिस को शव उठाने से रोक दिया। लोग डीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। घटनास्थल पर प्रभारी पुलिस अधीक्षक व एसडीएम पट्टी समेत आसपास के थानों की फोर्स डटी रही।

11 घंटे बाद शाम करीब साढ़े चार बजे के करीब डीएम घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों को कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर पुलिस शव कब्जे में ले सकी। मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। एक युवक को हिरासत में लिया गया है। 
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पट्टी कोतवाली के बेलारामपुर निवासी विनय कुमार सरोज उर्फ बबलू (33) पुत्र शोभनाथ सरोज खेती करने के साथ ही सुअर पालन का व्यवसाय करता था। रविवार की रात वह परिवार के लोगों के साथ भारत-पाकिस्तान का मैच देख रहा था। मैच खत्म होने के बाद वह घर से करीब तीन सौ मीटर दूर खेत में लगे पपिंगसेट पर धान की नर्सरी की रखवाली करने के लिए चला गया। वहीं पर उसका सुअरबाड़ा भी है।

सोमवार तड़के करीब पांच बजे विनय का भाई ओमप्रकाश पपिंगसेट पर जाने के लिए निकला। कुछ दूर पहले ही उसे पपिंगसेट के पास बने छप्पर से धुआं उठता दिखा। वहां का नजारा देखकर वह दंग रह गया। उसके भाई विनय की लाश जल रही थी। उसे चारपाई से बांधा गया था और हाथ-पैर कटे हुए थे। यह देखकर वह चिल्लाने लगा। चीख सुनकर गांव के लोग दौड़ पड़े।

विनय को जिंदा जलाने की खबर सुनते ही इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना के बाद भी पट्टी पुलिस विलंब से मौके पर पहुंची। छानबीन करने के बाद अधिकारियों को घटना से अवगत कराया। कुछ ही देर में सीओ पट्टी, एसडीएम संग एएसपी पूर्वी अवनीश मिश्र मौके पर पहुंचे। अफसर परिवार के लोगों से घटना की जानकारी लेने के बाद शव को कब्जे में लेने की तैयारी करने लगे।

इस पर परिजनों ने डीएम को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए शव उठाने से मना कर दिया। दिनभर अफसर ग्रामीणों और परिजनों को मनाने का प्रयास करते रहे, लेकिन वह टस से मस नहीं हुए। शाम करीब साढ़े चार बजे जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही मौके पर पहुंचे और परिवार के लोगों को नौ लाख रुपये की आर्थिक मदद, शस्त्र लाइसेंस समेत सुरक्षा प्रदान करने का आश्वासन दिया।

तब जाकर पुलिस शव कब्जे में ले सकी। मृतक के भाई ओमप्रकाश की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या व साक्ष्य छिपाने का मुकदमा दर्ज कर लिया। इस मामले में पुलिस ने मृतक विनय सरोज के सुअरबाड़े में पार्टनर विजेंद्र को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है।

शव देखकर खड़े हो गए रोंगटे

बेला रामपुर में युवक की हत्या के बाद जुटी भीड़। - फोटो : pratapgarh
बेलारामपुर में दलित किसान का हाथ पैर काटने के बाद आग में जिंदा जला देने की सनसनीखेज वारदात से सनसनी फैल गई। खुद अफसर भी नृसंश हत्या के बाद हैरत में दिखे। परिजन डीएम को मौके पर बुलाने की जिद कर रहे थे।

शाम को डीएम के पहुंचने के बाद परिवार के लोगों ने मांग पूरी होने का आश्वासन मिलते ही शव को पुलिस के हवाले कर दिया। जिसके बाद अफसरों ने राहत की सांस ली।

पट्टी कोतवाली के बेलारामपुर निवासी विनय कुमार सरोज उर्फ बबलू की क्रूरता के साथ की गई हत्या से लोगों के रोंगटे खड़े हो जा रहे थे। पुलिस मौके पर पहुंची तो परिवार के लोग शव उठाने के पहले डीएम को मौके पर बुलाने की जिद करने लगे। करीब साढ़े चार बजे जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही घटनास्थल पर पहुंचे।

अधिकारियों की मौजूदगी में मृतक के भाई से जानकारी ली। परिवार को नौ लाख रुपये आर्थिक मदद , दो शस्त्र लाइसेंस, मृतक की पत्नी को पेंशन व दस विस्वा जमीन का पट्टा देने के साथ ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। जिसके बाद पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज सकी।
 

आशनाई और रंजिश को वजह मान छानबीन में जुटी पुलिस

युवक का जला शव देख अचेत हुआ भाई। - फोटो : pratapgarh
प्रतापगढ़। बेलारामपुर में दलित किसान की सनसनीखेज हत्या में पुलिस आशनाई और रंजिश को वजह मान छानबीन में जुटी है। मृतक के मोबाइल की काल डिटेल से हत्या का राज खुलने की संभावना जताई जा रही है।

रविवार आधी रात को कई लोगों से फोन पर उसकी बातचीत हुई थी। घटना के बाद से सभी नंबर स्वीच आफ हैं। घटना के  खुलासे के लिए पुलिस ने तीन टीमें गठित की हैं। 

पट्टी कोतवाली के बेलारामपुर निवासी विनय कुमार सरोज उर्फ बबलू की नृसंश हत्या की खबर मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस पड़ताल करने लगी। पुलिस  सूत्रों की मानें तो मृतक के मोबाइल नंबर का ब्यौरा निकाला जा रहा है।

आधी रात को उसकी कई लोगों से बातचीत हुई है। हालांकि सभी नंबर अभी बंद चल रहे हैं। मृतक के मोबाइल की काल डिटेल भी खंगाली जा रही है। प्रभारी पुलिस अधीक्षक अवनीश मिश्र ने बताया कि बबलू की हत्या आशनाई या फिर रंजिश में होने की आशंका है। दोनों बिंदुओं पर गहनता के साथ स्वॉट टीम, सर्विलांस व पट्टी कोतवाल पुलिस छानबीन कर रही हैं।
 

पार्टनर विजेंद्र पर पुलिस को शक

पट्टी के बेला रामपुर में युवक की हत्या के बाद बिलखते परिजन। - फोटो : pratapgarh
प्रतापगढ़। बेलारामपुर हत्यारों ने जिस बेरहमी से विनय को मारा, उससे यह आशंका जताई जा रही है कि वह किसी बात को लेकर बहुत ज्यादा गुस्से में थे। विनय से इस कदर चिढ़े थे कि उसे काटा डाला। इतने से भी उनका जी नहीं भरा तो उसे चारपाई से बांधकर जिंदा जला दिया।

पुलिस को आशंका है कि हत्यारों ने नशे की हालत में वारदात को अंजाम दिया। शव की दशा देख लोगों का कलेजा दहल उठता था। लोग राख के ढेर में छिपे कंकाल को दूसरी बार देखने का साहस नहीं जुटा पा रहे थे।

पुलिस सूत्रों की मानें तो बबलू की हत्या में करीबी भी शामिल थे। तभी तो बबलू को विरोध करने का मौका नहीं मिल सका। घटना को भले ही आवेश में अंजाम दिया गया, लेकिन इसके लिए सुनियोजित प्लान बनाया गया था। तभी तो हत्यारों ने बबलू को संभलने का मौका नहीं दिया। 


उसके हाथ-पैर काटे और फिर चारपाई से बांधकर फूंक दिया। पुलिस का कहना है कि सुअर पालन में गांव का विजेंद्र बबलू का पार्टनर था। हर रात वह भी बबलू के साथ पंपिंगसेट पर सोने आता था, लेकिन रविवार को नहीं आया। जिससे पुलिस को उस  पर  शंका हुई और पुलिस उसे कोतवाली ले जाकर पूछताछ करने लगी। हत्यारों की क्रूरता सोमवार को बेलारामपुर में जुटे लोग सहन नहीं कर पा रहे थे।

शव की दशा देख लोगों का कलेजा मुंह को आ जा रहा था। हर किसी की आंख में आंसू थे, लेकिन चेहरे पर खौफ भी था। राख के ढेर में बबलू के शरीर का कुछ हिस्सा ही बचा था। जिसे कब्जे में लेने के दौरान भी पुलिस को दिक्कत का सामना करना पड़ा। राख के ढेर से अस्थियों व जले हुए मांस के लोथड़ों को खोजकर एकत्र किया जाता रहा।
 
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पहले भी हुईं हैं जघन्य हत्याएं

पट्टी के बेला रामपुर में युवक के परिजनों से मिलते डीएम मार्कण्डेय शाही। - फोटो : pratapgarh
 जिले में पहले भी जघन्य हत्याएं हुई हैं। पट्टी के बेलारामपुर में दलित किसान की बबर्रता के साथ की गई हत्या के बाद पुरानी घटनाओं की याद भी ताजा हो गई। नगर कोतवाली में ही तीन घटनाओं ने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए थे। 

नगर कोतवाली के टेऊंगा में 3 फरवरी 2018 को हत्यारों ने राबिया बेगम को लाठी डंडे से इस कदर पीटा था कि उसकी हड्डियां बाहर निकल आई थीं। उसके मांस के लोथड़े जगह-जगह से लटक रहे थे। हत्यारों ने उसकी बर्बरता के साथ पिटाई कर मौत के घाट उतार दिया था।

नगर कोतवाली के गाजी चौराहा निवासी सरस्वती की 29 जनवरी 2019 की  रात नृसंश हत्या करने के बाद उसके पौत्र अनमोल को फर्श पर पटककर मार डाला गया था। जिससे फर्श क्षतिग्रस्त हो गई थी।

करीब दस साल पहले प्र्रेमी युवक ने शादी न करने पर अपनी प्रेमिका का सिर धड़ से अलग कर दिया था। जीआईसी में लाश मिली थी। जिससे इलाके में सनसनी फैल गई थी। संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र में बदमाशों ने पूरे निर्मल में रामआसरे सरोज की धारदार हथियार से हत्या करने के बाद बोरे में भरकर शव फेंक दिया था। 

नगर कोतवाली के संसारपुर में चार साल पहले एक युवती की अधजली लाश मिली थी। उसका चेहरा जल गया था। काफी प्रयास के बाद भी उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। 
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