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प्रतापगढ़: 22 साल बाद एक बाद फिर बदलेगी बकुलाही नदी की धारा

Tue, 28 Apr 2020 11:46 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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river symbolic photo - फोटो : अमर उजाला
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बकुलाही नदी की धारा एक फिर बदलने जा रही है। नदी को पुरानी धारा में परिवर्तित करने की दिशा में प्रयास प्रारंभ कर दिया गया है। 14 किमी परिधि में फैले आठ गांव के किसानों को जिला प्रशासन की नई पहल से लाभ पहुंचेगा। 22 साल पहले बकुलाही की पुरानी धारा को बदलकर नई धारा से जोड़ा गया था। 
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मानधाता विकास खंड के एक बड़े भू-भाग को सिंचित करने वाली बकुलाही नदी की धारा को कुछ लोगों ने मोड़ दिया था। 22 साल पहले कुछ लोगों ने बकुलाही की धारा को महज चार किमी में समेट दिया गया था।

नदी की धारा मुड़ने से 14 किमी की परिधि के आठ गांवों के किसानों के सामने सिंचाई का संकट खड़ा हो गया था। भीषण गर्मी का दौर प्रारंभ होते ही स्थानीय किसानों की मांग पर जिला प्रशासन जाग गया है। बकुलाही को पुरानी धारा में जोड़ने के  लिए मंगलवार को परियोजना अधिकारी आरसी शर्मा ने सर्वे किया और किसानों को आश्वासन दिया है कि उन्हें खेतों की सिंचाई के  लिए बकुलाही का पानी मिलेगा।
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मानधाता विकास खंड के पूरेतोरई, जमुआ, हैंसीजयचंद्र, शिवरा, छतौना, रामनगर सहित अन्य राजस्व गांवों को जोड़ती हुई 14 किमी का सफर तय करके बकुलाही आगे बढ़ेगी। पीडी ने बताया कि बकुलाही को पुरानी धारा में परिवर्तित करने से आठ गांवों के किसान सिर्फ खेतों की सिंचाई ही नहीं कर सकेंगे, बल्कि गर्मी के दिनों में उन्हें काफी राहत होगी।
 

जंगली जानवरों का है डेरा

बकुलाही को नई धारा में परिवर्तित करने के बाद भी पुरानी धारा अभी बरकरार है। इसमें पानी तो नहीं आता है, मगर जंगली जानवरों ने अपना आशियाना बना रखा है। इससे गांव के लोगों के लिए भी खतरा बना रहता है।

दोनों धाराओं से बहेगा पानी 

जिला प्रशासन का प्रयास होगा कि नई धारा को बाधित न किया जाए और पुरानी धारा से भी पानी का प्रवाह किया जाए। इससे वंचित गांव के लोगों को भी बकुलाही का फायदा मिल सके। फिलहाल देखना यह है कि यह प्रयास कितना सार्थक होता है।
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