देवसरा में अंतर्जनपदीय दो गांजा तस्कर स्वॉट टीम व देवसरा पुलिस के हत्थे चढ़ गए। उनके पास से 15 लाख का गांजा व सेंट्रो कार बरामद हुई। बरामद गांजा उड़ीसा और आजमगढ़ से लाया गया था। भागने के दौरान एक गांजा तस्कर गिरकर घायल हो गया। जबकि दो भाग निकले।
अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी अवनीश मिश्रा ने बताया कि गुरुवार रात स्वॉट टीम के उपनिरीक्षक दीनदयाल सिंह और देवसरा थानाध्यक्ष संदिग्धों की धरपकड़ में लगे हुए थे। मुखबिर से सूचना मिली कि कस्बा रामगंज से कार में गांजा लेकर कुछ लोग सैफाबाद की तरफ नहर के रास्ते से आने वाले हैं। जलपा नहर पुलिया से कुछ दूरी पर पुलिस ने खड़े कार सवारों को देखा।
पुलिस को आते देख वह कार छोडक़र भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर दो लोगों को दबोच लिया। जबकि दो लोग भागने में कामयाब रहे। भागने के दौरान धीरज सिंह पुत्र कृष्णदेव सिंह निवासी नौरंगाबाद थाना देवसरा गिरकर घायल हो गया। उसके साथ ओंकारवर्मा पुत्र हीरालाल वर्मा निवासी बाल्मीकीपुर थाना सरपतहा जनपद जौनपुर भी पुलिस के हाथ लग गया।
जबकि आनंद गुप्ता पुत्र अज्ञात कादीपुर जनपद सुल्तानपुर और राहुल यादव पुत्र राजबली निवासी रूपनपुर थाना आसपुर देवसरा भागने में कामयाब रहे। उनके पास से 91 किलो गांजा पैकेट में बरामद हुआ। जिसकी कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्त धीरज सिंह व ओंकार वर्मा ने पुलिस को बताया कि चारों गांजा का धंधा करते हैं।
गांजा जनपद आजमगढ़ के अतरौलिया से अरुण कुमार नामक व्यक्ति से थोक में लाया गया है। उड़ीसा से भी गांजा मंगाया जाता है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया। पुलिस अधीक्षक ने टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार दिया है। एएसपी ने बताया कि बरामद गांजा सुलतानपुर, जौनपुर और प्रतापगढ़ में बेचा जाता था।
घर में खोदा था गड्ढा, ड्रम में छिपाकर रखा था गांजा
पुलिस ने पकड़े गए गांजा तस्करों को कर्रा किया तो उन लोगों ने गांजा छिपाकर रखने वाला स्थान दिखाया। धीरज के घर के भीतर जमीन में गहरा गड्ढा खोदा गया था। जिसमे कई प्लास्टिक के ड्रम गाड़े गए थे। उनमें गांजे के पैकेट छिपाकर रखे थे। ऊपर से मिट्टी का लेपन था, ताकि किसी को भनक न लग सके।
सप्लायर व खरीदारों के नाम भी बताए
पकड़े गए गांजा तस्करों ने पुलिस को पूछताछ में गांजा सप्लायर व खरीदारों के नाम भी बताए। सुलतानपुर, जौनपुर के अलावा बरामद गांजा कंधई, देवसरा, पट्टी और रानीगंज इलाके में सप्लाई किया जाता था। पूछताछ के बाद पुलिस ऐसे लोगों की धरपकड़ में जुट गई है।