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प्रधानमंत्री आवास योजना: पक्के घर की चाहत में हो गए बेघर

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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मुफ्त में पक्के मकान की चाह में कई परिवार बेघर हो गए हैं। किस्तें समय से नहीं पहुंचने की वजह से मकानों के निर्माण अधर में हैं। इस वजह से कई परिवारों को किराए के मकानों में रहना पड़ रहा है। अमर उजाला की पड़ताल में कई परिवार ऐसे सामने आए, जो मकानों का निर्माण पूरा नहीं होने से पन्नी तानकर रहने को मजबूर हैं। पेश है एक रिपोर्ट...
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टाउन एरिया अंतू के अठगवां मिश्रान निवासी प्रवीण कुमार का चयन प्रधानमंत्री योजना के तहत चयन किया गया, दो किस्तों का भुगतान तो गया, मगर तीसरी किस्त का भुगतान नहीं किया गया है। इससे मकान अधूरा खड़ा है। लोग पन्नी लगाकर बाहर रह रहे हैं। प्रवीण अंतिम किस्त के भुगतान के लिए टाउन एरिया का चक्कर लगा रहे हैं। मगर अभी तक खाते में धनराशि नहीं आई है।
लालगंज के साई की कुटी निवासी साधना गौतम पत्नी श्यामनाथ को मकान के लिए दो किस्त मिल गई है, लेकिन तीसरी किस्त अभी तक नहीं आई है। इसकी वजह से मकान पर दरवाजे और खिड़की नहीं लग पाई है। इससे पन्नी तानकर रहने को विवश है। सर्दी के साथ ही चोरी का डर भी रहता है। लालगंज की गुड़्डी देवी पत्नी राम सिंह को एक किस्त तो मिली, मगर दूसरी अभी तक नहीं मिली है। इससे नींव भरकर वह पडोसी के घर में रह रही है।
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रानीगंज टाउन एरिया की नजमा पत्नी हिदायतअली ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उनके मकान के निर्माण के लिए पहली किस्त का भुगतान वर्ष 2017 में किया गया। नींव भरने का कार्य पूर्ण हो गया, मगर उसके बाद दूसरी किस्त नहीं मिली। जिससे उनके मकान का कार्य अधर में लटका हुआ है। तीन हजार रुपये प्रतिमाह पर किराए पर मकान लेकर रह रही हैं।
शहर और टाउन एरिया के 14091 लोगों को मिली मंजूरी
प्रतापगढ़। वर्ष 2017 में प्रारंभ हुई प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत अभी तक नगर पालिका बेल्हा और टाउन एरिया में बीते चार साल में कुल 14091 लोगों को मकान की स्वीकृति मिली है, जिनमें से 5367 परिवारों को पक्की छत मिलने का वादा पूरा हुआ है। 8,724 लाभार्थी ऐसे हैं, जिनका भवन अभी अधूरा है। वह खुले में रहने को मजबूर हैं। प्रधानमंत्री योजना के तहत लाभार्थी को तीन किस्तों में ढाई लाख रुपये की मदद दी जाती है।
पहली किस्त में 50 हजार रुपये की मिलते हैं, जिसमें नीव भरने तक का कार्य होता है और कॉलम खड़े किए जाते हैं। दूसरी किस्त डेढ़ लाख रुपये की भेजे जाते हैं, जिसमें लिंटर डालने तक का कार्य पूर्ण होता है। तीसरी और अंतिम किस्त 50 हजार रुपये की रहती है, जिससे मकान का प्लास्टर आदि कार्य होते हैं।
नगर पालिका परिषद बेल्हा और टाउन एरिया में अभी 8724 परिवार ऐसे हैं, जिनका भवन अधूरा खड़ा है। 10,636 लाभार्थियों को पहली किस्त दी गई है, जबकि 9,110 परिवारों को दूसरी किस्त का भुगतान किया गया है। तीनों किस्त की अदायगी नहीं होने से भवन का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो रहा है।
कोरोना की दूसरी लहर की वजह से सभी कार्य प्रभावित हुए हैं, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के कार्य भी शामिल हैं। इसीलिए किस्त मिलने में भी देरी हुई। अब सब सामान्य रूप से चल रहा है। प्रयास यही है कि सभी पात्रों को समय से किस्त मिल जाय और निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएं। जितेंद्र पाल, अतिरिक्त एसडीएम और प्रभारी अधिकारी डूडा
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