prayagraj news : पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव (फाइल फोटो)।
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टीवी पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की मौत के मामले में अभी तक पुलिस टीम जांच तक ही सिमटी हुई है। बृहस्पतिवार को मजदूर समेत तीन लोगों का न्यायालय में बयान दर्ज कराया। शहर के दो मीडियाकर्मियों से भी पूछताछ की। सुलभ के संपर्क में रहने वाले लोगों की सूची तैयार करने के बाद अब तक तीस लोगों से पुलिस पूछताछ कर चुकी है। अभी तक किसी नतीजे पर पुलिस नहीं पहुंची है। हालांकि वह घटना को दुर्घटना मानकर ही जांच आगे बढ़ा रही है।
शहर के स्टेशन रोड पश्चिमी सहोदरपुर निवासी सुलभ श्रीवास्तव की मौत की जांच करने के लिए पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने अफसरों के नेतृत्व में टीम गठित की है। टीम अब तक सुलभ के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल व चैटिंग की छानबीन करती रही। शराब माफिया के खिलाफ लिखी गई जिस खबर पर हत्या की आशंका जताई जा रही है, उसे देखने के साथ ही उस प्रकरण पर सुलभ के दूसरे लोगों से मोबाइल चैटिंग को भी पुलिस ने खंगाला। सूत्रों के अनुसार चैटिंग में कोई खास बात सामने नहीं आई। पुलिस ने सुलभ के करीबी संग व मीडियाकर्मियों की सूची तैयार की है। जिसमें से तीस लोगों से पुलिस अब तक पूछताछ कर चुकी है।
बृहस्पतिवार को शहर के एक पत्रकार व दो चश्मदीद बताए जा रहे मजदूरों का कोर्ट में पुलिस ने बयान दर्ज कराया। इसके अलावा शहर के ही दो पत्रकारों से पुलिस पूछताछ कर सुलभ के लालगंज आने-जाने की जानकारी ली। इसके पहले लालगंज के सलेम भदारी के रहने वाले एक पत्रकार से पुलिस पूछताछ कर चुकी है। अब तक की जांच में पुलिस केवल दुर्घटना तक ही सिमटी हुई है। सीओ सिटी अभय पांडेय ने बताया कि घटना को लेकर जांच चल रही है। टीम के सदस्यों को अलग-अगल जिम्मेदारी मिली है। चिह्नित लोगों से पूछताछ के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकता है।
सुलभ के घर पहुंचे कैबिनेट मंत्री मोती सिंह
टीवी पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव के घर बृहस्पतिवार को कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह भी पहुंचे। उनके साथ सांसद संगमलाल गुप्ता भी थे। कैबिनेट मंत्री ने उनकी पत्नी रेणुका को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों को वह मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे। इसके अलावा वह अपने स्तर से उनकी नौकरी के लिए भी प्रयास करेंगे। प्रकरण की जांच के लिए शासन स्तर से एसआईटी की टीम गठित हुई है। सांसद संगमलाल गुप्ता ने बताया कि जिलाधिकारी से मदद व नौकरी के सिलसिले में बात हुई है। कैबिनेट मंत्री को प्रतापगढ़ प्रेस क्लब की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित एक मांग पत्र भी सौंपा गया। जिसमे घटना की सीबीआई जांच, आश्रितों को एक करोड़ रुपये की मदद संग पत्नी को सरकारी नौकरी दिलाने की मांग शामिल रही। इस मौके पर पूर्व सभासद संतोष दुबे, दिनेश सिंह, सर्वेश शर्मा, विवेक पांडेय, क्लब के अध्यक्ष जेएम खान, ओम सिंह, सुधीर जायसवाल , हैप्पी सिंह समेत अन्य लोग मौजूद रहे। इसके पूर्व सदर विधायक राजकुमार पाल पत्रकार सुलभ के आवास पहुंचकर संवेदना जताई। उन्होंने परिवार को बीस हजार रुपये की आर्थिक मदद भी दी।