सोमवार को जिला अस्पताल के सीएमएस के तुगलकी फरमान से मरीज और उनके साथ आने वाले तीमारदारों को हलाकान होना पड़ा। पर्चा काउंटर पर बैठने वाले पांच कर्मचारियों में से सीएमएस ने तीन लोगोें को हटा दिया। इससे दूर दराज से इलाज कराने के लिए आने वाले मरीजों को पर्चा बनवाने के लिए गर्मी में समस्या झेलनी पड़ी। इस पर वे हंगामा करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया।
जिला अस्पताल के सीएमएस अब मनमानी पर उतर आए हैं। पर्चा काउंटर पर बैठने वाले पांच कर्मचारियों में से दो लोगों को रोककर बाकी को वहां से हटाकर वार्ड में भर्ती मरीजों की देखरेख और साफ सफाई के लिए लगा दिया। रविवार को अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल खुलने के पहले ही मरीजों की भीड़ जमा हो गई। देरी से पर्चा काउंटर खुलने के कारण लोग पहले परेशान थे। 8.30 बजे तक पर्चा काउंटर खुला तो लोगों पर्चा बनवाने के लिए मारामारी करने लगे। इसी बीच मरीजों के साथ आए कुछ तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। पर्चा काउंटर बढ़वाने की मांग करने लगे। इसकी भनक सीएमएस प्रेम मोहन गुप्ता को हुई तो वे मरीजों के बीच खुद को जाना उचित नहीं समझे और जिला अस्पताल पुलिस चौकी को हंगामा होने की जानकारी दी। पुलिस पहुंची तो लोगों को समझा बुझाकर महिला और पुरुष का अलग-अलग लाइन लगवा दिया। लाइन इतनी लंबी हो गई तो पर्चा बनवाने वाले मरीज और तीमारदारों को धूप में खड़े होकर एक से डेढ़ घंटे तक समय नष्ट करना पड़ा। इसके चलते काफी मरीज बगैर इलाज कराए वापस लौट गए।
खेत के कूड़े में मिले चांदी के बीसों सिक्कों को पुलिस ने सील बंद कर मालखाने में डाल दिया। पुलिस ने इसकी सूचना पुरातत्व विभाग एवं वरिष्ठ अधिकारियों को दे दिया है। अब इसकी जांच पुरातत्व विभाग के अधिकारी करेंगे। सांगीपुर के लखहरा गांव में रविवार की शाम गांव के कल्लू के खेत में संतोष कुमार अपनी पंास गोबर की खाद फे के थे। जिसमें एक मटकी मिली। मटकी को फोड़ने पर बीस चांदी के सिक्के विक्टोरिया के जमाने के पाए गए। सिक्कों क ो लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सिक्काें क ो थाने उठा लाई। पुलिस ने सिक्कों को मालखाने में जमा कराने के साथ ही पुरातत्व विभाग एवं वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना भेज दी। बताया जाता है कि पुरातत्व विभाग की जांच के बाद मामले का निस्तारण किया जाएगा।