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पैथालाॅजी संचालक ने चोरी कराई थी सीबीसी मशीन

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मेडिकल कालेज में मशीन चोरी करने के आरोप में कोतवाली पुलिस द्वारा गिरफ्तार युवक। संवाद - फोटो : PRATAPGARH
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मेडिकल कॉलेज के राजा प्रताप बहादुर अस्पताल से सीवीसी मशीन पैथालॉजी संचालक की साजिश से चोरी हुई थी। कई दिनों की खोजबीन के बाद पुलिस ने पैथॉलाजी संचालक के मकान के बगल से चोरी की गई मशीन बरामद करते हुए तीन लोगों को दबोच लिया। जबकि चोरी की घटना को अंजाम देने वाले दो बदमाश फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
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डॉ. सोनेलाल पटेल स्वशासी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध राजा प्रताप बहादुर अस्पताल की पुरुष विंग में लगी सेल काउंट मशीन चार नवंबर को चोरी हो गई थी। चोरी करने वाले तीन बदमाश सीसीटीवी में कैद हो गए थे। पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने बताया कि शहर के श्रीराम तिराहा निवासी मनीष रावत की पुराने पोस्टमार्टम हाउस के करीब कृति पैथॉलाजी है। उसे सीवीसी मशीन की जरूरत थी।
उसने बलीपुर निवासी मनीष गुप्ता से मशीन के लिए संपर्क किया। मशीन उपलब्ध कराने के लिए 50 हजार रुपये में बात तय हुई। मनीष गुप्ता ने धीरज तिवारी व पंकज तिवारी निवासी उसरापुर थाना मानधाता और अनिल चौधरी निवासी खरवई मानधाता को मेडिकल कॉलेज से सीवीसी मशीन चोरी करने का काम सौंप दिया। तीनों ने मिलकर तीन नवंबर की रात कमरे का ताला तोड़कर मशीन गायब कर दी।
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करीब चार लाख रुपये की कीमत वाली मशीन चोराकर बाइक से बदमाश भाग निकले थे। मेडिकल कॉलेज से सीवीसी मशीन चुराने वालों की तलाश में जुटी पुलिस ने गनेशी लाल धर्मशाला से शनिवार को पैथॉलाजी संचालक मनीष कुमार रावत, चोरी कराने के लिए ठेका लेने वाले मनीष कुमार गुप्ता व धीरज कुमार तिवारी को दबोच लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने मनीष कुमार रावत के घर के बगल से मशीन बरामद कर ली। मशीन की पहचान मुकदमा दर्ज कराने वाले एलटी ने भी की। पुलिस ने पकड़े गए तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया।
कमला पैथालॉजी सीज होने के बाद कृति नाम से खोली पैथालॉजी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से पैथॉलाजी संचालक मनीष कुमार रावत ने कोरोना काल में सीज हो चुकी कमला पैथॉलाजी के स्थान पर कृति पैथॉलाजी का लाइसेंस हासिल कर दिया। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों ने आंख बंदकर उसके आवेदन पर स्वीकृति की रिपोर्ट लगा दी गई। जबकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस बात को जानते थे कि कोरोना काल में संचालक कोविड वार्ड व अस्पताल में जाकर कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से खून के सैंपल लेता था। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कमला पैथॉलाजी को सीज कर दिया था। फिलहाल, इस तरह का कारनामा स्वास्थ्य विभाग के लिए कोई नई बात नहीं है।
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