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450 ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक भार, गर्मी में मचेगी हाहाकार

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Over load on 450 transformers, there will be an outcry in the heat
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बिजली विभाग की लापरवाही उपभोक्ताओं को भारी पड़ेगी। उपभोक्ताओं को भीषण गर्मी की मार झेलनी पड़ेगी। दरअसल जिले के 450 ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक भार है। गर्मी से पहले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाए जाने की तैयारी थी, मगर सारी कवायद फाइलों तक ही सिमट कर रह गई। गर्मी में लोड बढ़ने पर ट्रांसफार्मर फुंकने का सिलसिला शुरू होगा। उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ेगा।
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जिले में चार विद्युत पारेषण खंड हैं। रानीगंज, लालगंज, कुंडा व सदर। इन चारों पारेषण केंद्रों के तहत कुल 5 लाख से अधिक पंजीकृत उपभोक्ता हैं। उपभोक्ताओं को सुव्यवस्थित तरह से बिजली आपूर्ति हो, इसके लिए जिले को 89 मिलियन यूनिट बिजली मिलती है। विभाग के अनुसार यह बिजली पर्याप्त है। मगर इसके बाद भी उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ता है। इसकी वजह है कि जिले की बदहाल बिजली व्यवस्था।
जर्जर तार के साथ ही बदहाल ट्रांसफर्मरों के चलते आए दिन लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। सबसे ज्यादा दिक्कत गर्मी के दिनों में होती है। जिलेभर में आए दिन ट्रांसफार्मर फुंकने की समस्या बनी रहती है। जिससे उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ता है। सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को होती है। वर्कशाप पर ट्रांसफार्मर की किल्लत पूरे साल दूर नहीं हो पाती। लोगों को बिजली संकट से जूझना पड़ता है।
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गर्मी शुरू होने से पहले जनवरी माह में विभाग ने बदहाल व क्षमता से अधिक भार झेल रहे ट्रांसफार्मरों को चिंहित कराने का अभियान शुरू किया। इस दौरान रानीगंज डिवीजन में 250 ट्रांसफार्मर, सदर डिवीजन में 150 ट्रांसर्फार, कुंडा व लालगंज डिवीजन मिलाकर 100 ट्रांसफार्मर ऐसे चिह्नित किए गए जिन पर क्षमता से अधिक लोड पाया गया। इसमें 25 केवीए, 63 केवीए व इससे अधिक क्षमता के ट्रांसफार्मर थे। अफसरों ने इसकी सूची बनाकर क्षमता वृद्धि के लिए पत्र लिखा था।
गर्मी से पहले इसे दुरुस्त करने की तैयारी थी। मगर बदहाल ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि का कार्य पूरा नहीं हो सका। इधर मार्च महीने से ही गर्मी की शुरूआत हो गई है। अप्रैल व मई माह में भीषण गर्मी का असर रहेगा। लोड बढ़ने पर ट्रांसफार्मर फुंकने का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
ऐसे में इस बार भी उपभोक्ताओं को अव्यवस्था के चलते भीषण गर्मी की मार झेलनी पड़ेगी। एसडीओ रानीगंज एसके पटेल ने बताया कि रानीगंज डिवीजन में ढाई सौ ट्रांसफार्मर की सूची क्षमता वृद्धि के लिए भेजी गई थी। ताकि गर्मी शुरू होने से पहले इन्हें दुरुस्त कर लिया जाए, मगर अभी तक कार्य शुरू नहीं हो सका।
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