बुखार और दमा रोगियों के लिए अलग से ओपीडी का संचालन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर भर्ती कर इलाज करने के लिए अलग से वार्ड तैयार किया जाएगा। जिससे अस्पताल में आने वाले मरीजों को महामारी खतरा न रहे। चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मचारी भी इस बीमारी से बच सकें।
लॉकडाउन के बाद मरीजों की समस्या को देखते हुए शासन ने ओटी और ओपीडी सेवा बहाल कर दी है। सीएमओ को आदेश दिया है कि जिला और महिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी में अलग से एक ओपीडी चैंबर और वार्ड तैयार किया जाए।
इस ओपीडी में महज बुखार रोगियों के साथ सांस लेने में जिस मरीजों को दिक्कत हो उनका ही इलाज किया जाए। ओपीडी में आने वाले मरीजों की पहले थर्मल स्क्रीनिंग की जाए।
तेज बुखार होने पर उन्हें वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जाए। यदि मौसमी बुखार हो तो दवा देकर घर भेज दिया जाए। प्रयास किया जाए कि बुखार के मरीज किसी दूसरे मरीज के संपर्क में न आएं।
रानीगंज में बुखार रोगियों के लिए तैयार हुआ अलग से वार्ड
रानीगंज और लालगंज सीएचसी के साथ मानधाता पीएचसी में बुखार रोगियों के लिए अलग से ओपीडी वार्ड तैयार कर दिया गया है। चिकित्सकों के पास मरीज पहुंचेंगे तो सबसे पहले उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी।
महामारी पर काबू पाने के लिए समस्त सीएचसी अधीक्षक को आदेश दिया गया है एक चैंबर में चिकित्सकों को बैठाया जाए। जरूरत पडने पर बुखार रोगियों को भर्ती करने के लिए अलग से वार्ड तैयार कराया जाए। जिससे महामारी पर काबू पाया जा सके।
डॉक्टर एके श्रीवास्तव, सीएमओ।