तहसील के एक अधिवक्ता ने अपना वकालतनामा लगाकर जमीन की खारिज दाखिल में मृत महिला इंदू देवी की आपत्ति लगा दी। इसकी जानकारी कुंडा के कबरियागंज निवासी आनंद शुक्ला को हुई तो उन्होंने अपनी मां को बताया कि नानी जिंदा हो गई हैं।
मम्मी, नानी अभी जिंदा हैं। हां ! क्या बोल रहे हो...। मम्मी नानी जिंदा हो गई हैं। तहसील में उन्होंने एक जमीन की खारिज दाखिल में आपत्ति लगाई है। क्या कह रहे हो, कुछ समझ नहीं आ रहा। यह बातें एक मां और बेटे के बीच हो रही थीं। घटना के बारे में सुनकर महिला भी अवाक रह गई। हालांकि बाद में यह मामला सुलझ गया।
विज्ञापन
हथिगवां थाना क्षेत्र के खिदिरपुर गांव निवासी इंदू देवी को गुजरे आठ वर्ष हो चुके हैं। उनके तीन बेटों अशोक, राजेश व संतोष ने उनकी एक जमीन वैष्णो कालानी में कुंडा की बेच दी थी। उसी जमीन के बगल एक व्यक्ति ने भी जमीन ली है। इसी जमीन की खारिज दाखिल रोकने के लिए इंदू देवी को जिंदा कर दिया गया।
तहसील के एक अधिवक्ता ने अपना वकालतनामा लगाकर जमीन की खारिज दाखिल में मृत महिला इंदू देवी की आपत्ति लगा दी। इसकी जानकारी कुंडा के कबरियागंज निवासी आनंद शुक्ला को हुई तो उन्होंने अपनी मां को बताया कि नानी जिंदा हो गई हैं। यह बात सुनकर उनकी मां भी अवाक रह गईं। वकालतनामा लगाने वाले अधिवक्ता ने बाद में माफी मांग ली और अपना वकालतनामा वापस ले लिया।