प्रतापगढ़। धोखाधड़ी के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट में मंगलवार को हाजिर होने वाले निवर्तमान एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेजने का आदेश दिया। अधिवक्ताओं की लगभग घंटेभर चली बहस के बाद भी कोर्ट ने उन्हें कोई राहत नहीं दी। बुधवार को कोर्ट इस मामले में सजा सुनाएगी।
फर्जी पते पर शस्त्र लाइसेंस लेने के आरोपी निवर्तमान एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। इस मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद मंगलवार को वह एमपी-एमएलए कोर्ट में हाजिर हुए। कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेजने का आदेश दिया। सजा बुधवार, 23 मार्च को सुनाई जाएगी। पहले कोर्ट ने 15 मार्च को धोखाधड़ी के मामले में अक्षय प्रताप को दोषी करार देते हुए 22 मार्च को सजा सुनाने की बात कही थी। अक्षय प्रताप सिंह को न्यायिक अभिरक्षा में लेने का आदेश देने के बाद वकीलों ने घंटों बहस की, मगर कोर्ट अपने आदेश पर अड़ी रही। जानकारों का मानना है कि अगर सजा सात साल से कम की होती है, तो उसी दिन जमानत मिल जाएगी । डीजीसी क्रिमिनल योगेश शर्मा ने बताया कि अक्षय प्रताप सिंह पर जो आरोप हैं, उसमें सात वर्ष से अधिक की सजा का प्रावधान नहीं है।