चित्रकूट के स्वामी राम भद्राचार्य पुराणों में वर्णित बेलखरनाथ शिवलिंग की स्थापना भगवान श्रीराम द्वारा किए जाने की प्रमाणिकता को सिद्ध करता है। कालांतर में राजा दिलीपपुर ने खोज कराकर यहां एक छप्पर रखवाया। शिव हर्ष ओझा 28 वर्ष की आयु में यहां आश्रम बनाकर रहने लगे।
ब्रह्चारी ने अचला सप्तमी के दिन अपनी मां सिरता जी के हाथों ईंट रखवा कर मंदिर का नींव पूजन करवाया। उसके बाद से बाबा बेलखरनाथ धाम भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ, है। महाशिवरात्रि के साथ सोमवार व शनिवार को पूजा अर्चना की जाती है। वर्तमान में बेलखरनाथ धाम पट्टी तहसील के यहियापुर गांव में स्थित है।