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UP News : प्रतापगढ़ के जिया उल हक हत्याकांड में सभी दोषियों को उम्रकैद, सीबीआई कोर्ट ने सुनाया फैसला

Wed, 09 Oct 2024 10:25 PM IST
विनोद सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़

सार

प्रतापगढ़ के सीओ जिया उल हक हत्याकांड में सभी 10 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। सभी 10 आरोपियों को 19,500 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की आधी रकम डिप्टी एसपी जिया उल हक की पत्नी परवीन आजाद को देने का सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने आदेश दिया है। 
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सीओ जिया उल हक। फाइल फोटो - फोटो : संवाद
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विस्तार
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प्रतापगढ़ के कुंडा के सीओ (डीएसपी) जियाउल हक हत्याकांड के दस दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सीबीआई के विशेष जज धीरेंद्र कुमार ने फुलचंद्र यादव, पवन यादव, मंजीत यादव, घनश्याम सरोज, रामलखन गौतम, छोटे लाल यादव, राम आसरे, मुन्ना पटेल, शिवराम पासी और जगत बहादुर पटेल उर्फ बुल्ले पटेल को यह सजा सुनाई। हर दोषी पर 19 हजार पांच सौ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की कुल राशि एक लाख 95 हजार रुपये में से आधी रकम जियाउल हक की पत्नी परवीन आजाद को मिलेगी।

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कोर्ट ने इन सभी को भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 149, 323, 353, 332, 302 एवं शस्त्र अधिनियम की धारा 27 के तहत दंगा करने, लोक सेवक को उसके आधिकारिक कर्तव्य के निर्वहन से रोकने, उन पर हमला करने एवं उनकी हत्या करने के अपराध में 5 अक्तूबर को दोषी ठहराया था। बुधवार को पुलिस सभी आरोपियों को जेल से लेकर अदालत पहुंची और सजा सुनाए जाने के बाद सभी को फिर जेल भेज दिया गया। हत्याकांड के एक अन्य आरोपी सुधीर को साक्ष्य के अभाव में पहले ही बरी किया जा चुका है।

इस चर्चित मामले में हक की हत्या का आरोप पहले कुंडा के बाहुबली विधायक और मंत्री रघुराज प्रताप उर्फ राजा भैया पर लगा था। तब राज्य में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा सरकार थी और राजा भैया मंत्री थे। हत्या का आरोप लगने के बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। हालांकि जांच के दौरान ही सीबीआई ने राजा भैया को क्लीन चिट दे दी थी।

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सीओ जिया उल हक की हत्या के बाद बिलखती पत्नी। फाइल फोटो - फोटो : संवाद
भीड़ ने की थी हत्या

मामले की केस डायरी के अनुसार, 2 मार्च, 2013 की शाम साढ़े सात बजे जमीन विवाद के चलते प्रतापगढ़ के कुंडा के बलीपुर गांव के प्रधान नन्हें यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना की सूचना पर प्रधान नन्हें यादव के समर्थक बड़ी संख्या में हथियारों से लैस होकर बलीपुर पहुंच गए थे और कामता पाल के घर को आग के हवाले कर दिया। इसकी जानकारी मिलने पर तत्कालीन सीओ कुंडा जिया उल हक, हाथीगवां थाना प्रभारी मनोज कुमार शुक्ला और कुंडा थाना प्रभारी सर्वेश मिश्र पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे।

भीड़ ने पुलिस को घेर लिया, जिसपर पुलिसकर्मी भाग गए। वहीं, भीड़ को समझा रहे सीओ से झड़प में प्रधान नन्हें यादव के छोटे भाई सुरेश यादव की गोली लगने से मौत हो गई। इसके बाद भीड़ ने सीओ जियाउल हक की पिटाई के बाद गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।

देवरिया जनपद के नूनखार टोला जुआफर के रहने वाले सीओ जिया उल हक को 2012 में कुंडा सर्किल की जिम्मेदारी मिली थी। हथिगवां के बलीपुर गांव में दो मार्च 2013 की शाम प्रधान नन्हे सिंह यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह हत्या उस समय हुई थी। जब वह विवादित जमीन के पास चाय की दुकान पर बैठा था। सीओ की हत्या में प्रधान नन्हें सिंह के बेटे योगेंद्र उर्फ बबलू व भाई पवन, फूलचंद्र और गार्ड मंजीत को मुख्य आरोपी बनाया गया था।

खड़ंजे पर मिला था शव

पुलिस ने रात 11 बजे सीओ की तलाश शुरू की तो उनका शव प्रधान के घर के पीछे खड़ंजे पर पड़ा मिला। तिहरे हत्याकांड को लेकर कुल तीन एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पहली रिपोर्ट थाना प्रभारी मनोज शुक्ला ने प्रधान नन्हें यादव के भाईयों और बेटे समेत 10 लोगों के खिलाफ दर्ज कराई। वहीं, प्रधान और सुरेश की हत्या को लेकर भी रिपोर्ट दर्ज हुई थी। सीओ की पत्नी परवीन आजाद ने इस मामले में आखिरी एफआईआर दर्ज कराई थी।

दबाव में सीबीआई को सौंपा गया मामला

घटना के कुछ दिन बाद ही सरकार पर निष्पक्ष जांच का दबाव पड़ने लगा था। इसे देखते हुए सपा सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी। सीबीआई ने आठ मार्च, 2013 को मामला दर्ज किया कर विवेचना शुरू की थी। इस मामले में सीबीआई ने सबसे पहले अप्रैल, 2013 में पवन यादव, फुलचंद्र, मंजीत यादव और नन्हें यादव के किशोर बेटे को गिरफ्तार किया था।

कब-कब क्या-क्या हुआ
 
  • 2 मार्च 2013 की शाम सात बजे बलीपुर चौराहे पर प्रधान नन्हे सिंह यादव की गोली मारकर हत्या
  • 2 मार्च 2013 की रात आठ बजे कुंडा सीएचसी से प्रधान का शव घर आने के बाद शुरू हुआ बवाल
  • 2 मार्च 2013 की रात सवा आठ बजे प्रधान के हत्यारोपी कामता के घर ग्रामीणों ने बोला धावा, तोड़फोड़
  • 2 मार्च 2013 की रात साढ़े आठ बजे बवाल के बीच सुरेश को लगी गोली, मौत से भड़का आक्रोश
  • 2 मार्च 2013 की रात साढ़े आठ बजे सीओ कुंडा जिया उल हक पहुंचे। आरोपियों ने उनका बेरहमी से किया कत्ल
  • 2 मार्च 2013 की रात 11 बजे प्रभारी एसपी दस थानों की फोर्स व पीएसी लेकर पहुंचे बलीपुर, सीओ का शव किया बरामद
  • 2 मार्च 2013 की रात हथिगवां थानाध्यक्ष मनोज शुक्ला ने दर्ज कराई रिपोर्ट

  • 3 मार्च 2013 की सुबह दस बजे पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा
  • 3 मार्च 2013 को करीब 12 बजे पुलिस लाइन में हंगामे के बीच सीओ की पत्नी परवीन आजाद ने एडीजी अरुण को दी तहरीर, राजा भैया समेत पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज
  • 5 मार्च 2013 राजा भैया ने मंत्री पद से दिया इस्तीफा
  • 5 मार्च 2013 को अखिलेश सरकार ने घटना की सीबीआई जांच के लिए लिखा पत्र
  • 8 मार्च 2013 को सीबीआई ने दर्ज किया मुकदमा
  • 12 मार्च 2013 को बलीपुर पहुंची सीबीआई, नगर पंचायत कार्यालय कुंडा को बनाया कार्यालय
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  • दो माह तक चली जांच के बाद सीबीआई की टीम ने राजा भैया समेत अन्य आरोपियों को दी क्लीन चिट, दिल्ली में राजा भैया का हुआ था नार्को टेस्ट
  • हाईकोर्ट के बाद सीओ की पत्नी परवीन ने सुप्रीम कोर्ट का खटखटाया दरवाजा
  • 9 मार्च 2017 को सीओ हत्याकांड के मुख्य आरोपी योगेंद्र उर्फ बबलू की सड़क हादसे में रायबरेली में मौत, परिजनों ने राजा भैया के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा
  • 27 अक्तूबर 2023 को कोर्ट ने फिर बलीपुर जाकर जांच करने दिया निर्देश
  • 4 अक्तूबर 2024 को सीबीआई कोर्ट ने सीओ जिया उल हक हत्याकांड के दस आरोपियों को माना दोषी
  • 9 अक्तूबर 2024 को सीबीआई कोर्ट ने सीओ हत्याकांड के दस आरोपियों को सुनाई सजा
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